Garhwa News: जिले की पुलिस ने बिजका साप्ताहिक बाजार में हुए चर्चित दीपक चौधरी हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने दो शूटरों समेत कुल तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में विजय सिंह (शूटर), जेठु सिंह और बजरंगी चौधरी शामिल हैं. मुख्य साजिशकर्ता सूर्यदेव चौधरी की भूमिका भी सामने आई है.
जमीन विवाद बना हत्या की जड़
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्या के पीछे करीब पांच एकड़ जमीन को लेकर पुराना विवाद था. 25 फरवरी 2026 को बिजका बाजार में फकिराडीह निवासी और पेशे से सब्जी विक्रेता दीपक चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस संबंध में मृतक के भाई राकेश चौधरी के बयान पर भंडरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी थी विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम बनाई गई. जांच के दौरान पता चला कि दीपक चौधरी और सूर्यदेव चौधरी के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था.
बिना बंटवारे के खरीदी गई थी जमीन
पुलिस के अनुसार, सूर्यदेव चौधरी ने दीपक के गोतिया से बिना जमीन का बंटवारा हुए ही हिस्सा खरीद लिया था और उस पर कब्जा करना चाहता था. लेकिन दीपक और उसके पिता अपने हक से पीछे हटने को तैयार नहीं थे. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी बढ़ गई थी.
एक लाख में तय की गई थी सुपारी
दीपक को रास्ते से हटाने के लिए सूर्यदेव चौधरी ने शूटरों से एक लाख रुपये में हत्या की साजिश रची. योजना के तहत बाजार में मौका देखकर वारदात को अंजाम देने की तैयारी की गई.
दिनभर की रेकी के बाद शाम को मारी गोली
घटना वाले दिन सूर्यदेव चौधरी और बजरंगी चौधरी ने शूटरों के साथ मिलकर पूरे दिन दीपक की गतिविधियों पर नजर रखी. शाम को जब बाजार खत्म हो रहा था और दीपक अपना सामान समेट रहा था, तभी शूटरों ने भरठुआ बंदूक से तीन गोलियां (छर्रे) मारकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए.
मोबाइल से किया गया था भुगतान
हत्या के बाद सूर्यदेव चौधरी ने शूटर विजय सिंह को मोबाइल के जरिए 20 हजार रुपये का भुगतान भी किया था. पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर इस लेन-देन की पुष्टि की है.
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है.