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  • 2026-03-01

Middle-East Tension: मिडिल ईस्ट में कोहराम, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकर पर हमला, भारतीय क्रू सदस्य भी हुए जख्मी

Middle-East Tension: इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी भीषण जंग अब समुद्री व्यापारिक मार्गों के लिए बड़ा खतरा बन गई है. सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भड़के ईरान और क्षेत्र में जारी अस्थिरता के बीच ओमान के पास एक रणनीतिक जलमार्ग में तेल टैंकर को निशाना बनाया गया है. रविवार को हुई इस हिंसक घटना ने वैश्विक हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इस हमले की चपेट में भारतीय नाविक भी आए हैं. ओमान की सरकारी एजेंसियों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुए इस हमले में जहाज पर सवार चार क्रू सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.

पलाऊ के झंडे वाले जहाज स्काइलाइट पर हुआ प्रहार
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह हमला पलाऊ के झंडे वाले “स्काइलाइट” नामक टैंकर पर उस समय हुआ जब वह सामरिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजर रहा था. इस जहाज पर भारतीय और ईरानी मूल के क्रू सदस्य तैनात थे. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी भी समूह या देश ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच की सुई ईरान की ओर घूम रही है. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से ही ईरानी एजेंसियां रेडियो संदेशों के जरिए इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को लगातार धमकियां दे रही थीं, जिससे इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की सख्त चेतावनी और समुद्री नाकाबंदी
यूरोपीय संघ के नौसैनिक मिशन और अंतरराष्ट्रीय समुद्री अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले तमाम जहाजों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है. ईरान की ओर से दिए गए रेडियो संदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी कमर्शियल जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. बता दें कि यह संकरा समुद्री रास्ता दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है. ऐसे में ईरान की यह मौखिक नाकाबंदी वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है.

बीमा प्रीमियम में उछाल और वैश्विक बाजार पर संकट के बादल
यद्यपि तेहरान ने अभी तक इस जलमार्ग को औपचारिक रूप से बंद करने का ऐलान नहीं किया है, लेकिन जमीनी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं. युद्ध के बढ़ते खतरों और जहाजों पर हो रहे हमलों के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियों ने इस रूट के लिए अपने प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी कर दी है. कई दिग्गज शिपिंग कंपनियों ने जोखिम को देखते हुए अपने जहाजों के मूवमेंट को फिलहाल रोक दिया है. जहाजों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें, जिससे शिपिंग लागत बढ़ने और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका बढ़ गई है.
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