Bihar: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते ही तेजस्वी यादव ने अपने तेवर साफ कर दिए हैं। पार्टी के अंदर बिखराव और असंतोष के बीच तेजस्वी ने एक स्पष्ट और सशक्त संदेश दिया है कि वे किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। साथ ही, पार्टी के खिलाफ मुखर होने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को उन्होंने सख्त चेतावनी भी दी है।
नुकसान पहुंचाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद अब वह पार्टी नहीं रही, जहाँ बिना नियम और अनुशासन के काम चलता रहे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब पार्टी में किसी को भी अपनी आवाज उठाने की छूट नहीं होगी यदि वह पार्टी के हितों और विचारधारा के खिलाफ बोलता है। “जो भी पार्टी की एकता और सम्मान को नुकसान पहुंचाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी,” तेजस्वी ने कहा।
कठोर रवैये से सुधारने की कोशिश
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम तेजस्वी की सत्ता में वापसी के बाद पार्टी को फिर से मजबूती देने और झारखंड व बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में राजद की पकड़ मजबूत करने के लिए उठाया गया है। पार्टी के अंदर चल रहे विरोध और विद्रोह के कारण कई कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट चुका था, जिसे अब तेजस्वी के इस कठोर रवैये से सुधारने की कोशिश की जा रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी जल्द ही कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए एक व्यापक अनुशासनात्मक कार्ययोजना भी लागू करेंगे, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पार्टी के अंदर अनुशासन और एकता को बढ़ावा मिलेगा और आगामी चुनावों में राजद को मजबूती मिलेगी।
केंद्रीयकृत नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश
इस घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा देखने को मिली है। कई नेताओं ने तेजस्वी की इस सख्त नीति का स्वागत किया है और कहा है कि पार्टी को इस तरह के फैसलों की सख्त जरूरत थी। वहीं कुछ आलोचक इसे पार्टी में केंद्रीयकृत नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश मान रहे हैं।
राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव
तेजस्वी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में गर्म चर्चा का विषय बना हुआ है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राजद के भीतर राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।