Aaj Ka Panchang: वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश के “विकट” रूप की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन उनकी आराधना करने से डर, बीमारी और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। गणेश जी की कृपा से बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता है और व्यक्ति में कठिन परिस्थितियों से लड़ने की सक्ती आती है।
गणेश जी का विकट (मयूरेश) स्वरूप क्यों खास है
मुद्गल पुराण के अनुसार, भगवान गणेश ने कामासुर नाम के राक्षस का घमंड तोड़ने के लिए यह विकट रूप धारण किया था। इस रूप में वे मयूर (मोर) पर सवार रहते हैं, इसलिए उन्हें “मयूरेश” भी कहा जाता है। इस दिन व्रत रखना और चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है, जिससे जीवन में स्थिरता और मानसिक शांति मिलती है।
आज का पंचांग और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति
5 अप्रैल 2026, यानी आज रविवार के पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि दोपहर 11:59 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी शुरू हो जाएगी। सूर्योदय सुबह 6:07 बजे और सूर्यास्त शाम 6:41 बजे होगा। चंद्रोदय रात 9:58 बजे और चंद्रास्त सुबह 7:33 बजे तक रहेगा।
आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त और संकष्टी चतुर्थी का महत्व
आज के शुभ मुहूर्त में अभिजीत मुहूर्त 11:59 से 12:49 बजे तक और अमृत काल 2:24 से 4:10 बजे तक है। वहीं राहुकाल 5:07 से 6:41 बजे तक, गुलिकाल 3:33 से 5:07 बजे तक और यमगण्ड 12:24 से 1:58 बजे तक रहेगा। आज चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में हैं, और यह दिन विकट संकष्टी चतुर्थी के रूप में पूजा के लिए बहुत शुभ माना जाता है।