हेमंत सोरेन पार्ट-2 की सरकार अब फूल कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ रही है। तमाम कथित आर्थिक क्राइसिस के बाद भी राज्य सरकार अपनी विकास योजनाओं को फूल स्पीड में गति देने की कोशिश में है। इसी बीच सरकार अपनी स्थिति जनता के बीच और मजबूत करने के लिए अपने मंत्रिमंडल में थोड़े बहुत चेंज करने जा रही है। इसमें वैसे विभाग हैं जिसके परफॉर्मेंस बेहतर नहीं है और जनता के बीच निराशा है,ऐसे विभाग के मंत्री को बदलने की तैयारी है।
निर्वाचित अल्पसंख्यक महिला
इसमें सबसे अधिक स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का नाम आ रहा है। उनके बयानबाजी से कांग्रेस पार्टी के अंदर भी सबकुछ ठीक नहीं है। साथ ही सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन भी उनके कार्यों से खुश नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में लगातार शिकायतें मिल रही है। प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बदतर है। मरीजों की समस्याओं पर कोई निदान नहीं हो रहा है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की जगह पार्टी के अंदर पाकुड़ विधानसभा सीट से निर्वाचित अल्पसंख्यक महिला विधायक पूर्व मंत्री आलमगीर अलाम की पत्नी निशित आलम का नाम चर्चा में है।
किसी एक को मंत्री का पद मिल सकता है।
उनको मंत्री बनकर सरकार अल्पसंख्यकों के बीच मजबूत स्थिति बनाते हुए महिलाओं में भी पकड़ बेहतर हो जाएगी। दूसरा नाम कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की चर्चा है। उनके जगह पर कांग्रेस में तीन चार नाम चर्चा में है। इसमें रामचंद्र सिंह,सोनाराम सिंकु,नमन विक्सल कोगाड़ी और राजेश कच्छप का नाम चर्चा में है। इसी में से किसी एक को मंत्री का पद मिल सकता है।
सरकार का कैबिनेट नए रूप में दिखेगी
मंत्रिमंडल विस्तार में सिर्फ कांग्रेस ही नहीं झामुमो और राजद में भी फेरबदल होने की संभावना है। पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला सीट से निर्वाचित उनके पुत्र सोमेश सोरेन को मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं राजद कोटे में संजय प्रसाद यादव की जगह राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान को मंत्री बनाया जा सकता है। यानी 2026 के नूतन वर्ष में पहले महीने में हेमंत सोरेन सरकार का कैबिनेट नए रूप में दिखेगी।