Jharkhand: झारखंड में शीतलहर थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य भर में तापमान तेजी से गिर रहा है और न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री तक नीचे चला गया है। मंगलवार को रांची समेत चार जिलों में शीतलहर का असर दिखा। रांची का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान रहा है। वहीं कांके में पारा 4.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। हवा की गति 1.6 किमी प्रति घंटा रही, जिससे सुबह-शाम कनकनी बढ़ गई।
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक रमेश कुमार के अनुसार, कम न्यूनतम तापमान के कारण आने वाले दिनों में भी ठंड और शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा में अगले 24 घंटे के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही राज्य के उत्तरी हिस्सों के 12 जिलों में घने कुहासे को लेकर भी येलो अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों तक ठंड से राहत की उम्मीद कम बताई जा रही है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर झारखंड के उत्तरी हिस्सों तक सीमित है, जबकि रांची और अन्य क्षेत्रों में इसका प्रभाव कम देखा जा रहा है। इसी कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में सर्द हवा के चलते शीतलहर जारी है। मैकलुस्कीगंज में भी तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया। मंगलवार को यहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री और अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह 10 बजे तक घना कुहासा छाया रहा, जिससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिली, लेकिन शाम होते ही ठंडी हवाओं ने फिर से कनकनी बढ़ा दी।
हवाई सेवाएं प्रभावित, यात्री परेशान
ठंड और कुहासे का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर मंगलवार को तीन विमान रद्द रहे, जबकि कई उड़ानें देरी से संचालित हुईं। कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद जाने वाली उड़ानें 30 मिनट से लेकर डेढ़ घंटे तक विलंब से रवाना हुईं। विमान रद्द और विलंब होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ठंड पर भारी पड़ा नववर्ष का उत्साह
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद साल के अंतिम दिन पोटका के पिकनिक स्थलों पर उत्साह देखने लायक बना रहा। पहाड़ भांगा समेत अन्य पिकनिक स्पॉट्स पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। फिल्मी गानों की धुन पर युवा झूमते नजर आए, वहीं परिवार और दोस्तों के समूह ने खाने-पीने, गीत-संगीत और नृत्य के साथ वर्ष 2025 को विदाई दी।
नववर्ष 2026 के स्वागत को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखा। कहीं बीते साल की यादें साझा की गईं तो कहीं नए साल के संकल्पों पर चर्चा होती रही। ठंड और कोहरे के बावजूद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
झारखंड में जहां एक ओर शीतलहर और कुहासे ने जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं दूसरी ओर नए साल के जश्न ने ठंड पर भारी पड़ते हुए साल के आखिरी दिन को यादगार बना दिया।