Jharkhand News: राज्य को नशामुक्त बनाने के अभियान में झारखंड पुलिस ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है. अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ पहली बार नशे के कारोबार से अर्जित चल और अचल संपत्ति को भी जब्त किया गया है. यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई है.
चतरा पुलिस ने गिद्धौर थाना क्षेत्र के गिद्धौर गांव निवासी राजेश कुमार उर्फ राजेश दांगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी संपत्ति को फ्रीज और जब्त किया है. जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने अफीम के अवैध कारोबार के जरिए बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की थी.
बैंक खातों में जमा राशि फ्रीज
पुलिस ने रांची के खेलगांव थाना क्षेत्र के गाड़ीगांव स्थित 2.47 डिसमिल जमीन पर बने तीन मंजिला पक्का मकान को सीज कर दिया है. इसके साथ ही गाड़ीगांव में ही 4.33 डिसमिल जमीन पर बने करकट शीट के मकान को भी जब्त किया गया है. अचल संपत्ति के साथ साथ आरोपी के पांच बैंक खातों में जमा राशि को भी फ्रीज कर दिया गया है. पुलिस के आकलन के अनुसार जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत लगभग 87.92 लाख रुपये है.
भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 86.539 किलोग्राम अफीम और 5.259 किलोग्राम ब्राउन शुगर सहित अन्य नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं. यह बरामदगी जिले में नशे के अवैध नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाती है. चतरा जिले में अपराध पर लगाम कसने के लिए 146 अपराधकर्मियों के खिलाफ निगरानी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. वर्ष 2025 में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार विशेष छापेमारी अभियान चलाए गए हैं.
नक्सल विरोधी अभियानों में बड़ी सफलता
नक्सल विरोधी अभियानों के तहत एक 15 लाख रुपये के इनामी रीजनल कमांडर समेत कुल 26 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा नक्सलियों के चार प्रमुख समर्थकों की भी गिरफ्तारी हुई है. वहीं दो इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इन अभियानों के दौरान नक्सलियों के पास से 28 हथियार, 2840 जिंदा कारतूस, दो आईईडी और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है.
अवैध कमाई से बनी संपत्तियों की जब्ती
यह कार्रवाई बताती है कि झारखंड पुलिस अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि नशे और नक्सल से जुड़े नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है. अवैध कमाई से बनी संपत्तियों की जब्ती ऐसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है और आने वाले समय में इससे नशे के कारोबार पर गहरा असर पड़ने की संभावना है.