OBC समाज को आपस में बांटने का प्रयास
इस संबंध में धनबाद के संबंधित चुनाव अधिकारियों को आवेदन देकर आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके बाद शाम करीब 7 बजे बाटा मोड़ पर चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन की प्रति जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
नोटिफिकेशन को अविलंब रद्द करने की मांग
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अरुण साव ने कहा कि एक बड़े सामाजिक वर्ग को, जो लोकसभा और विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाता है, इस नगर निगम चुनाव में जानबूझकर वंचित किया गया है। गलत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसकी वे कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से नोटिफिकेशन को अविलंब रद्द करने की मांग की।
संजय कुमार वर्मा ने कहा कि पिछले नगर निगम चुनाव में वे केवल एक वोट से हार गए थे। वे एक राजनीतिक पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष हैं और लगातार सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। यदि इस नोटिफिकेशन पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वहीं, साहू वार्ड के ओबीसी प्रत्याशी ने कहा कि यह नोटिफिकेशन समाज के साथ अन्याय है और आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा गया है। एक युवा नेता ने कहा कि जनप्रतिनिधि का पद अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए चुनाव आयोग को तुरंत यह नोटिफिकेशन वापस लेना चाहिए।
असर आगामी चुनावों में साफ दिखाई देगा
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि शहर में साहू, रवाननी हलवाई समेत लगभग 30 जातियां वार्ड संख्या 36 और 44 में निवास करती हैं और हर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। समाज को नजरअंदाज करने का असर आगामी चुनावों में साफ दिखाई देगा।
बड़ी संख्या में लोग उपस्थित
इस विरोध प्रदर्शन में सुनील साव, राजेश मालाकार, मनोज साव, वीरेंद्र बहादुर सिंह, बिहू वर्मा, महेंद्र सिंह, मंटू राम, विशाल, मिथुन मंडल, अगर कुमार, राकेश, गणोज साव, विक्की कमी, गुड्डू सिंह, संतोष मालाकार, रामजी गुप्ता, रोहित साव, दिला साव, सूरज साव, दिलीप टामी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।