Political News: इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद वित्त वर्ष 2024-25 में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को भारी मात्रा में चंदा प्राप्त हुआ है। इस अवधि में पार्टी को 21.10 करोड़ रुपये का नया योगदान मिला, जिससे उसका कुल फंड बढ़कर 33.20 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछली तुलना में करीब 174 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
पार्टी को मिला यह धन विभिन्न कॉर्पोरेट कंपनियों और इलेक्टोरल ट्रस्ट के माध्यम से आया है। झामुमो द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए आधिकारिक दस्तावेजों में इन आंकड़ों का खुलासा हुआ है।
कॉर्पोरेट सेक्टर से 24.40 करोड़ रुपये प्राप्त
रिपोर्ट के अनुसार अब तक कुल 188 दानदाताओं ने पार्टी को आर्थिक सहयोग दिया है। इनमें से कॉर्पोरेट सेक्टर से 24.40 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि व्यक्तिगत दानदाताओं का योगदान 6.70 करोड़ रुपये रहा है। बता दें कि इलेक्टोरल ट्रस्ट एक पंजीकृत व्यवस्था होती है, जिसके जरिए कंपनियां और व्यक्ति राजनीतिक दलों को चंदा देते हैं। ऐसे ट्रस्ट को दान से जुड़ी पूरी जानकारी चुनाव आयोग को देना अनिवार्य होता है, जिससे यह साफ रहता है कि किस दल को कितनी राशि और किस स्रोत से मिली है।
अधिक चंदा देने वाली कंपनी माइनिंग सेक्टर की वेदांता लिमिटेड
झामुमो को सबसे अधिक चंदा देने वाली कंपनी माइनिंग सेक्टर की वेदांता लिमिटेड रही, जिसने पार्टी को 20 करोड़ रुपये का योगदान दिया। इसके अलावा फागू जयमंगल इंफ्रा नामक कंपनी ने 1.90 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की।