Jharkhand News: झारखंड पुलिस में एक बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को लेकर अब तस्वीर साफ होती दिख रही है. राज्य सरकार ने पुलिस महकमे के भीतर विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां संभाल रहे 16 आईपीएस अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नति देने का फैसला लिया है. इस फैसले से न केवल वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी बल्कि पुलिस संगठन की संरचना में भी संतुलन आएगा. खास बात यह है कि इस प्रक्रिया के बाद एसपी रैंक के अधिकारियों की संख्या में भी इजाफा होगा, जिससे फील्ड और प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
इन अधिकारियों का होगा प्रमोशन
प्रस्तावित सूची के अनुसार 2001 बैच के मनोज कौशिक को आईजी से एडीजी रैंक में पदोन्नत किया जाएगा. वह फिलहाल सीआईडी और रांची जोन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वहीं 2008 बैच के अनीश गुप्ता, एम तमिलवानन और अजय लिंडा को डीआईजी से आईजी रैंक में प्रोन्नति मिलेगी. इनमें अनीश गुप्ता और एम तमिलवानन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण परफार्मा प्रोन्नति पाएंगे.
इसके अलावा 2012 बैच के किशोर कौशल, अखिलेश बी वरियर, अंजनी कुमार झा, मो अर्शी और आनंद प्रकाश को एसपी से डीआईजी रैंक में प्रोन्नत किया जाएगा. 2010 बैच की कुसुम पुनिया को भी डीआईजी रैंक में पदोन्नति दी जाएगी, हालांकि यह उनकी एसीआर पूरी होने के बाद प्रभावी होगी. अखिलेश बी वरियर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के कारण परफार्मा प्रोन्नति मिलेगी.
वहीं 2013 बैच के हुरदीप पी जनार्दनन, निधि द्विवेदी, अंशुमन कुमार, प्रशांत आनंद, हरिलाल चौहान और प्रियंका मीणा को सीनियर सेलेक्शन ग्रेड देने की अनुशंसा की गई है. इस सूची को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.
नई जिम्मेदारियां मिलने से प्रशासनिक गतिशीलता बढ़ेगी
यह पदोन्नति प्रक्रिया झारखंड पुलिस के लिए केवल औपचारिक बदलाव नहीं बल्कि संगठनात्मक मजबूती का संकेत है. लंबे समय से एक ही रैंक पर कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलने से प्रशासनिक गतिशीलता बढ़ेगी. साथ ही वरिष्ठ पदों पर अनुभव का बेहतर उपयोग हो सकेगा. आने वाले समय में इसका असर जिला स्तर से लेकर मुख्यालय तक पुलिसिंग की कार्यशैली और निर्णय प्रक्रिया पर साफ दिखाई दे सकता है.