Jharkhand: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बांग्लादेश में बढ़ती अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ अमानवीय और हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे एक सभ्य समाज के लिए कलंक बताते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रम पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं।
डॉ. अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष आग्रह किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक, आर्थिक तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाएं। उन्होंने भारत की प्रमुख ऊर्जा कंपनी अदानी पावर को सख्त निर्देश देने की भी मांग की है कि वह बांग्लादेश को दी जाने वाली बिजली सप्लाई को तत्काल प्रभाव से बंद कर दे।
किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “यह भारत की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह मानवाधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाए। बिजली, व्यापार और अन्य सहयोगों की समीक्षा कर स्पष्ट संदेश दिया जाए कि मानवाधिकारों के उल्लंघन को भारत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
नेतृत्व दिखाने की जरूरत
डॉ. अंसारी ने श्रीलंका में तमिलों पर हुए अत्याचार के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हस्तक्षेप को याद करते हुए कहा कि आज भी भारत को वैश्विक मंच पर नैतिक नेतृत्व दिखाने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को बांग्लादेश में हो रही हिंसा को रोकने के लिए हर संभव उपाय करने चाहिए ताकि देश की सीमाओं के भीतर रहने वाले अल्पसंख्यकों को सुरक्षा और सम्मान मिल सके।
गंभीरता से लें और इंसाफ दिलाने में मदद करें
डॉ. अंसारी ने बताया कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री कार्यालय को भी लिखित तौर पर शिकायत की जाएगी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की जाएगी कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और इंसाफ दिलाने में मदद करें।