Jamshedpur: वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और "नेट जीरो" (Net Zero) उत्सर्जन की दिशा में टाटा स्टील ने एक बड़ा कदम उठाया है। टाटा स्टील नीदरलैंड ने डच सरकार और नॉर्थ-हॉलैंड प्रांत के साथ मिलकर अपनी महत्वाकांक्षी "ग्रीन स्टील" परियोजना के लिए एक संयुक्त सहमति पत्र (Joint Letter Of Intent) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ऐतिहासिक समझौते का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक और प्रदूषण फैलाने वाले कोयला आधारित स्टील उत्पादन को आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक से बदलना है। यह कदम न केवल यूरोप के पर्यावरण मानकों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक इस्पात बाजार में टाटा स्टील की साख को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
पुरानी तकनीक को कहेंगे अलविदा, गैस और हाइड्रोजन से बनेगी स्टील
परियोजना के तहत कंपनी ने अपने पुराने ब्लास्ट फर्नेस और कोक प्लांट को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है। इनके स्थान पर अत्याधुनिक डायरेक्ट रिडक्शन प्लांट (DRP) और इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) स्थापित किए जाएंगे। शुरुआत में इस संयंत्र में ईंधन के रूप में प्राकृतिक गैस का उपयोग किया जाएगा, लेकिन भविष्य में इसे पूरी तरह से ग्रीन ऊर्जा यानी हाइड्रोजन और बायो-मीथेन पर स्थानांतरित करने की योजना है। इस बदलाव से स्टील उत्पादन की प्रक्रिया में कार्बन का हस्तक्षेप न्यूनतम हो जाएगा, जो ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
प्रदूषण पर प्रहार, उत्सर्जन और शोर में आएगी भारी कमी
टाटा स्टील के आंकड़ों के अनुसार, इस ग्रीन स्टील प्रोजेक्ट के पूरी तरह लागू होने के बाद सालाना लगभग 5.4 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO_2) उत्सर्जन में कमी आएगी। यह कमी नीदरलैंड के कुल औद्योगिक कार्बन उत्सर्जन को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, कंपनी ने स्थानीय निवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धूल, शोर और दुर्गंध जैसी औद्योगिक समस्याओं को नियंत्रित करने का भी भरोसा दिया है। योजना के अनुसार, आयरन ओर (लौह अयस्क) यार्ड को पूरी तरह से कवर किया जाएगा और स्लैग प्रोसेसिंग जैसी प्रक्रियाओं में आधुनिक सुधार किए जाएंगे ताकि आसपास के वातावरण पर बुरा प्रभाव न पड़े।
सरकार का बड़ा समर्थन, 2 अरब यूरो की आर्थिक मदद की तैयारी
इस विशालकाय और आधुनिक प्रोजेक्ट की महत्ता को देखते हुए डच सरकार भी पीछे नहीं है। सरकार इस हरित पहल को गति देने के लिए टाटा स्टील को करीब 2 अरब यूरो की भारी-भरकम आर्थिक सहायता प्रदान करने पर विचार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि यूरोप में टाटा स्टील की प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति को भी बढ़ाएगा। इस समझौते से यह स्पष्ट हो गया है कि भविष्य का इस्पात उद्योग अब केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि टिकाऊ और स्वच्छ ऊर्जा (Sustainable Energy) पर केंद्रित होगा।