Chaibasa News: चाईबासा से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. एक पिता को अपने 4 साल के मासूम बच्चे की लाश को थैले में रखकर बस से घर ले जाना पड़ा, क्योंकि अस्पताल में एम्बुलेंस नहीं मिली. यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों का एक दर्दनाक उदाहरण है.
नोवामुंडी प्रखंड के डिम्बा चतोम्बा, बालजोड़ी गांव के रहने वाले, अपने बच्चे को इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल लेकर आए थे. लेकिन इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई. जब उन्होंने शव को गांव ले जाने के लिए एम्बुलेंस मांगी, तो घंटों इंतजार के बावजूद कोई व्यवस्था नहीं हुई. मजबूरन, उन्होंने बच्चे के शव को एक थैले में रखा और बस से घर चले गए.
नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा की खुली पोल
यह घटना सरकार के दावों की पोल खोलती है, जो गरीबों के लिए नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करती है. आखिर क्यों ऐसे हालात बनते हैं? यह सवाल हमें सोचने पर मजबूर करता है.
सदर अनुमंडल पदाधिकारी की टीम पहुंची अस्पताल
सदर अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग टोपनो के नेतृत्व में जांच टीम अस्पताल पहुंची है, और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं. यह घटना हमें याद दिलाती है कि अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है, खासकर गरीब और असहाय लोगों के लिए. हमें स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए काम करना होगा, ताकि ऐसी घटनाएं फिर कभी न हों.