Jharkhand News: सहायक अभियंता नियुक्ति से जुड़ा मामला एक बार फिर झारखंड हाईकोर्ट में गरमा गया है. तय समय सीमा के बावजूद नियुक्ति नियमावली तैयार नहीं होने पर कोर्ट ने सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आदेशों की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है और जिम्मेदार अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई तय मानी जाएगी.
हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि 4 अक्टूबर को दिए गए आदेश का पालन अब तक नहीं हुआ है. ऐसे में यह सीधे तौर पर कोर्ट की अवहेलना है. सरकार की ओर से नियमावली को अंतिम रूप देने के लिए समय मांगा गया, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया.
मामले में रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट और कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया गया है. आरोप गठन पर सुनवाई के लिए 22 जनवरी 2026 की तारीख तय की गई है.
जेपीएससी की ओर से बताया गया कि सरकार ने 18 दिसंबर को ही नियुक्ति नियमावली का ड्राफ्ट भेजा है और इसे अंतिम रूप देने में प्रक्रिया के कारण समय लग रहा है. इस पर कोर्ट ने दो टूक कहा कि तय तारीख तक नियमावली नहीं बनना आदेश की अवहेलना है और अब कार्रवाई होगी.
गौरतलब है कि कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि 19 दिसंबर तक नियमावली तैयार नहीं होने की स्थिति में इसे अवमानना माना जाएगा. यह याचिका डिप्लोमा इंजीनियरिंग एसोसिएशन और सत्य मोहन घोष समेत अन्य की ओर से दायर की गई थी.