Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-12-18

Uttarakhand News: कट ऑफ नजदीक लेकिन गाइडलाइन गायब, ब्रिज कोर्स ने बढ़ाई शिक्षकों की बेचैनी

Uttarakhand News: उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षकों के लिए प्रस्तावित छह माह का ब्रिज कोर्स अब सुधार से ज्यादा उलझन का कारण बनता जा रहा है. विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2025 तय कर दी है, लेकिन समय सीमा नजदीक होने के बावजूद अब तक न तो आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई है और न ही कोई स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए गए हैं.

शिक्षकों में असमंजस और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा
प्रदेश भर के शिक्षक यह समझने में असमर्थ हैं कि आवेदन कहां करना है, किन शिक्षकों पर यह कोर्स लागू होगा और तकनीकी प्रक्रिया क्या होगी. न पोर्टल की जानकारी दी गई है और न ही पात्रता को लेकर कोई लिखित आदेश सामने आया है. इससे शिक्षकों में असमंजस और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है.



नवंबर महीने में शिक्षा निदेशालय ने सभी जनपदों से ब्रिज कोर्स से जुड़े शिक्षकों का विवरण मांगा था. यह जानकारी ब्लॉक स्तर से एकत्र कर जनपदों के माध्यम से निदेशालय तक भेजी जा चुकी है. इसके बावजूद आगे की प्रक्रिया को लेकर विभागीय चुप्पी बनी हुई है.

उत्तर प्रदेश में ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है
स्थिति को और गंभीर इस बात ने बना दिया है कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. वहां शिक्षकों को स्पष्ट दिशा निर्देश और आवेदन की सुविधा मिल गई है. वहीं उत्तराखंड के शिक्षक अब भी आदेशों का इंतजार कर रहे हैं.

शिक्षक संघ ने अपनाया कड़ा रुख
इस पूरे मामले को लेकर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ा रुख अपनाया है. संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति के पदाधिकारी मनोज तिवारी ने शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजकर तत्काल दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते स्पष्ट आदेश नहीं आए तो हजारों शिक्षक अंतिम समय में परेशानी में पड़ सकते हैं.

समस्या नीति की नहीं बल्कि क्रियान्वयन की है
ब्रिज कोर्स को शिक्षा व्यवस्था सुधारने का माध्यम बताया जा रहा है, लेकिन इसकी तैयारी में हो रही देरी शिक्षकों की चिंता बढ़ा रही है. जब कट ऑफ डेट तय है तो प्रक्रिया और नियम पहले स्पष्ट होने चाहिए थे. उत्तर प्रदेश से तुलना यह दिखाती है कि समस्या नीति की नहीं बल्कि क्रियान्वयन की है. समय रहते निर्णय नहीं हुआ तो यह योजना सुधार के बजाय असंतोष और अव्यवस्था का कारण बन सकती है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !