Seraikela Malaria Control Campaign: सरायकेला में मानसून के दौरान मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने रोकथाम और जांच अभियान तेज करने का फैसला किया है. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई.
बैठक में मलेरिया नियंत्रण अभियान की तैयारी, जांच व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी पर चर्चा की गई. उपायुक्त ने जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर समन्वित कार्ययोजना बनाकर अभियान चलाने का निर्देश दिया.
बुखार के हर मरीज की होगी मलेरिया जांच
उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बुखार की शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक मरीज की मलेरिया जांच अनिवार्य रूप से की जाए. इससे संक्रमित मरीजों की जल्द पहचान होगी और समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा.
उन्होंने कहा कि सभी आवासीय विद्यालयों, सीआरपीएफ शिविरों और पुलिस थाना परिसरों में हर 15 दिन पर मलेरिया जांच अभियान चलाया जाए. गर्भवती महिलाओं की भी अनिवार्य जांच और लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया.
मरीज मिलने पर परिवार और गांव में चलेगा सर्वे
बैठक में कहा गया कि किसी इलाके में मलेरिया मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर पहुंचेगी. परिवार के सभी सदस्यों की जांच की जाएगी.
प्रभावित गांवों में विशेष सर्वे और व्यापक जांच अभियान चलाकर संभावित संक्रमित लोगों की पहचान की जाएगी. जरूरत पड़ने पर इलाज और दवा की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी.
आशा, सहिया और स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अहम
उपायुक्त ने आशा, सहिया और स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से घर-घर निगरानी मजबूत करने को कहा. लोगों को मलेरिया के लक्षण, बचाव और समय पर जांच के प्रति जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया.
संवेदनशील और हाई रिस्क क्षेत्रों में जांच, इलाज, दवा उपलब्धता, फॉलोअप, स्रोत नियंत्रण और जनजागरूकता गतिविधियां अभियान मोड में चलेंगी.
प्रशासन का लक्ष्य इस वर्ष मलेरिया के मामलों में कमी लाना और हर संदिग्ध मरीज की जांच के बाद समय पर उपचार सुनिश्चित करना है.