Jamshedpur: पोटका थाना क्षेत्र में तैनात महिला चौकीदार ज्योतिका हेंब्रम की नृशंस हत्या का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। घटना के बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरे प्रकरण को और भी संवेदनशील बना दिया है, जिसमें तत्कालीन पोटका थाना प्रभारी मनोज मुर्मू पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पोटका थाना प्रभारी पद से हटाए गए
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो को देखते हुए जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने तुरंत संज्ञान लिया और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पोटका थाना प्रभारी मनोज मुर्मू को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। उनकी जगह सब-इंस्पेक्टर सन्नी टोप्पो को पोटका थाना का नया प्रभारी बनाया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला चौकीदार ज्योतिका हेंब्रम की हत्या कथित तौर पर उसके प्रेमी गणेश मांझी ने धारदार हथियार से गला काटकर की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद गणेश मांझी ने भी आत्महत्या कर ली। यह घटना अपने आप में बहुत चौंकाने वाली है, लेकिन मामले की गंभीरता उस वीडियो के सामने आने के बाद और बढ़ गई, जिसे गणेश मांझी ने आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किया था।
गणेश मांझी ने वीडियो बना कर बताया सच
वायरल वीडियो में गणेश मांझी ने दावा किया कि 14 दिसंबर को उसे यह जानकारी मिली थी कि उसकी प्रेमिका ज्योतिका हेंब्रम के पोटका थाना प्रभारी मनोज मुर्मू के साथ कथित रूप से अवैध संबंध थे। उसने कहा कि इसी जानकारी ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया और जलन व गुस्से में आकर उसने हत्या जैसा कदम उठा लिया। वीडियो में उसने यह भी कहा कि हत्या के बाद वह खुद भी अपनी जान देने जा रहा है। साथ ही उसने प्रशासन से अपील की कि उसके परिवार और भाई को उसकी मौत के बाद किसी तरह से परेशान न किया जाए।
सभी आरोपों को मनोज मुर्मू ने किया खारिज
हालांकि पूर्व थाना प्रभारी मनोज मुर्मू ने वीडियो में लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है और उन्हें जानबूझकर साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। इसके बावजूद मामले की संवेदनशीलता और वीडियो में सीधे नाम आने के कारण एसएसपी ने निष्पक्ष जांच के हित में यह प्रशासनिक फैसला लिया है।
दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो
इधर इस दोहरे मौत के मामले में दोनों मृतकों के परिजनों ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि जांच में किसी भी स्तर पर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
एसएसपी द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के बाद आम लोगों को अब उम्मीद है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच होगी और इससे जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।