National News: शुक्रवार की सुबह अमृतसर में अचानक तनाव का माहौल बन गया जब शहर के कई निजी स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाला ईमेल मिला. स्कूलों ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए बच्चों और स्टाफ को बाहर निकालना शुरू कर दिया. स्थिति की गंभीरता देखते हुए जिला प्रशासन ने शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी. पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचकर हर जगह तलाशी ले रहा है.
शुरुआती जांच में शरारती हरकत की बात आ रही सामने
धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुद स्थिति की निगरानी शुरू की. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि शुरुआती जांच से यह शरारती हरकत लग रही है. उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2022 और जुलाई 2025 में भी इसी तरह के ईमेल आए थे जो बाद में फर्जी पाए गए थे और उनका लिंक छात्रों से निकला था. इस बार भी साइबर टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान जुटाने में लगी है.
खबर फैलते ही अभिभावकों में बेचैनी
धमकी की खबर फैलते ही अभिभावकों में बेचैनी बढ़ गई. स्कूल प्रबंधन ने तुरंत मैसेज और फोन कॉल के जरिए बच्चों को घर ले जाने की सूचना देनी शुरू की. कई स्कूलों के बाहर अभिभावकों की भीड़ दिखी और सभी अपने बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने की जल्दी में थे. जिला शिक्षा अधिकारी ने डिप्टी कमिश्नर के आदेश पर सभी स्कूलों को एहतियातन बंद रखने का निर्देश जारी किया. इस बीच पुलिस और बम स्क्वाड की टीमों ने स्कूल परिसरों में विस्तृत जांच शुरू कर दी.
सुरक्षा के मामले में कोई भी जोखिम नहीं लिया जा रहा
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि फिलहाल यह प्रतीत होता है कि किसी ने माहौल बिगाड़ने या डर फैलाने के इरादे से यह ईमेल भेजा है. हालांकि सुरक्षा के मामले में कोई भी जोखिम नहीं लिया जा रहा है. साइबर पुलिस ईमेल की लोकेशन और सोर्स का पता लगा रही है. प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अफवाह न फैलाएं और आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें. शहर का माहौल सामान्य है लेकिन स्कूल परिसरों में सुरक्षा जांच पूरी होने तक सन्नाटा बना हुआ है.
डिजिटल सुरक्षा को लेकर और मजबूत कदम उठाने की जरूरत
अमृतसर में हुई यह घटना बताती है कि फर्जी धमकियां भी कैसे पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय कर देती हैं. ऐसे मामलों में प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया जरूरी होती है क्योंकि थोड़ी सी चूक भी भारी पड़ सकती है. हालांकि पिछली घटनाओं को देखते हुए यह शरारती कृत्य लग रहा है लेकिन साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि डिजिटल सुरक्षा को लेकर और मजबूत कदम उठाने की जरूरत है.