Jharkhand News: दिल्ली में हुई छापेमारी के बाद एसीबी की जांच अब विनय सिंह और स्निग्धा सिंह के अलावा उनके पुत्र सनत सिंह तक पहुंच गई है. वसंत विहार स्थित आवास से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर एसीबी ने सनत सिंह को 15 दिसंबर को पूछताछ के लिए समन भेजा है. उनसे एसीबी कार्यालय में पेश होने को कहा गया है.
डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में कई अहम जानकारियां आई सामने
छापेमारी में जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में कई अहम जानकारियां मिली हैं. रिपोर्ट के मुताबिक स्निग्धा सिंह और सनत सिंह लंबे समय से कई वरिष्ठ अफसरों और प्रमुख राजनीतिक परिवारों के सदस्यों के संपर्क में थे. जांच में लगातार बातचीत के रिकॉर्ड सामने आए हैं. कॉल लॉग और चैट पैटर्न में ऐसी मुलाकातों और संवादों का जिक्र है जिनकी प्रकृति संदिग्ध मानी जा रही है. ये डिजिटल संकेत विनय चौबे विनय सिंह और स्निग्धा सिंह से जुड़े गठजोड़ के दायरे के बड़े होने की ओर संकेत करते हैं. इससे साफ होता है कि यह नेटवर्क प्रशासनिक दायरे से आगे राजनीतिक हलकों तक फैला हुआ था.
विस्तारपूर्वक पूछताछ इस पूरे गठजोड़ की कई और परतें खुलेंगी
एसीबी का मानना है कि मिले डिजिटल साक्ष्य इस जांच को कई महत्वपूर्ण दिशाओं में आगे बढ़ाएंगे. इनमें अवैध रूप से कमाए गए धन की आवाजाही और उसके अंतिम लाभार्थियों की पहचान. बेनामी संपत्तियों के वास्तविक मालिकों का खुलासा. निर्णय प्रक्रिया पर पड़े संभावित प्रभाव की पड़ताल जैसे अहम पहलू शामिल हैं. एसीबी को उम्मीद है कि 15 दिसंबर को सनत सिंह से होने वाली विस्तारपूर्वक पूछताछ इस पूरे गठजोड़ की कई और परतें खोल सकती है. इससे मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य बिंदुओं पर भी रोशनी पड़ने की संभावना है.
एसीबी की जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है. डिजिटल सबूतों ने इस मामले को केवल आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं रहने दिया है बल्कि यह दिखाया है कि यह नेटवर्क नौकरशाहों और राजनीतिक परिवारों तक जुड़ा हो सकता है.