सदन में मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की
शांति के लिए प्रार्थना की गई। स्पीकर रवींद्रनाथ महतो, सदन के नेता सीएम हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने दिवंगत
विभूतियों के योगदानों की चर्चा की।
स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने अपने
संबोधन में कहा कि यह सदन केवल ईंट-पत्थरों का भवन नहीं, यह वह धरोहर है, जहां
जनता की आशाएं प्रतिध्वनित होती हैं और लोकतंत्र अपनी सबसे सुंदर अभिव्यक्ति पाता
है। सभा की हर आवाज में जनता का स्वर बसता है, यहीं से लोकतंत्र का दीपक हर दिशा में रोशनी देता है।
शीतकालीन सत्र प्रभावी रूप से पांच
दिनों का होगा, क्योंकि शनिवार और रविवार को अवकाश
रहेगा। इससे पूर्व अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधि शामिल
हुए।
अध्यक्ष ने सभी दलों से सत्र को
रचनात्मक, व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित
करने की अपील की। बैठक में नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने राज्य में कानून व्यवस्था पर
विशेष चर्चा की मांग उठाई, हालांकि
इस पर तत्काल सहमति नहीं बनी। अध्यक्ष ने विषय को कार्यमंत्रणा समिति को भेजने की
बात कही।
सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण
वित्तीय और विधायी प्रस्ताव सदन में लाने वाली है। सोमवार को प्रश्नकाल के साथ
चालू वित्तीय वर्ष की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी सदन में पेश की जाएगी। इसके
अगले दिन मंगलवार को इस पर विस्तृत चर्चा होगी और अनुपूरक व्यय को पारित किया
जाएगा। उसी दिन विनियोग विधेयक भी सदन में लाया जाएगा।
बुधवार को सदन में विभिन्न विभागीय
विधेयकों को पेश किए जाने की संभावना है, जिन पर
चर्चा और पारित करने की प्रक्रिया पूरी होगी। सरकार ने संकेत दिया है कि वित्तीय
प्रस्तावों के अलावा कुछ लंबित विधेयकों को भी इस सत्र में आगे बढ़ाया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई है कि सदन में तय कार्यक्रम के अनुसार विधायी
कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होगा।