Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बड़ा निर्देश देते हुए कहा है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लगे बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) पर बढ़ते कार्यभार को देखते हुए तुरंत अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि BLO अपने सामान्य दायित्वों के साथ-साथ पुनरीक्षण कार्य भी कर रहे हैं, जिससे उन पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि चुनाव आयोग के दबाव के कारण कई स्थानों पर BLO अत्यधिक बोझ से जूझ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर चिंता जताते हुए सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पुनरीक्षण कार्य समय पर और बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के पूरा कराया जाए।
तेजाब हमले के लंबित मामलों पर भी सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट्स से देशभर में लंबित तेजाब हमले के मामलों की विस्तृत रिपोर्ट चार सप्ताह में मांगी है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में देरी ‘गंभीर चिंता’ का विषय है और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलना आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दिव्यांगजन पुनर्वास विभाग को भी नोटिस जारी करते हुए तेजाब हमले के पीड़ितों को दिव्यांगता श्रेणी में शामिल कर लाभ देने पर विचार करने की सलाह दी।
अदालत ने यह भी कहा कि जिन मामलों में पीड़ितों का गंभीर उत्पीड़न हुआ है, उन मामलों की सुनवाई विशेष रूप से प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए।