Dhanbad News: धनबाद के पुटकी अंचल स्थित केंदुआडीह इलाके में जहरीली गैस रिसाव की घटना ने लोगों में दहशत फैला दी है. गैस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर स्थिति में हैं. स्थानीय लोगों में बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है. घटना उजागर होने के बाद बीसीसीएल, जिला प्रशासन और स्थानीय थाना की टीमों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया.
DC ने बनाई जांच समिति
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसी आदित्य रंजन ने एक जांच समिति गठित कर दी है. समिति पूरी घटना की बिंदुवार जांच करेगी. शुरुआती समीक्षा में यह बात सामने आई है कि बीसीसीएल प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी रही. यह जानकारी डीसी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में रखी गई.
समाहरणालय में हुई विस्तृत बैठक
डीसी आदित्य रंजन ने समाहरणालय स्थित सभागार में बीसीसीएल, डीजीएमएस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और जेआरडीए की टीम के साथ बैठक की. बैठक में जहरीली गैस रिसाव के कारण, रोकथाम के उपाय, प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर भेजने, घटना के बाद हुई देरी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सहित कई बिंदुओं पर चर्चा की गई.
जांच रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
डीसी ने स्पष्ट कहा कि राहत और बचाव कार्य में समुचित तत्परता नहीं दिखी. निरीक्षण में बीसीसीएल और अन्य एजेंसियों के बीच तालमेल की बड़ी कमी सामने आई. उन्होंने कहा कि जांच समिति घटना की क्रमवार जांच करेगी और यह तय किया जाएगा कि किसकी लापरवाही की वजह से जानें गईं. रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
प्रभावित परिवारों को शिफ्ट किया जाएगा
बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि प्रभावित बस्तियों के लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा. डीसी ने एरिया जीएम बीसीसीएल को टेंट सिटी बनाने का निर्देश दिया है जहां पीने का पानी, खाना, बिजली, शौचालय और ठंड से बचाव की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही 24 घंटे एम्बुलेंस और डॉक्टर की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया है. बीसीसीएल और जिला प्रशासन दोनों टीमें मैदान में मौजूद रहेंगी.
घटना ने एक बार फिर बीसीसीएल क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक समन्वय की कमजोरी को उजागर कर दिया है. शुरुआती प्रतिक्रिया में देरी और जिम्मेदार एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया. जांच समिति का गठन सही दिशा में कदम है, लेकिन वास्तविक सुधार तभी होगा जब दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाए.