Jharkhand News: झारखंड पुलिस ने पिछले एक महीने में कुल 6115 पुराने आपराधिक मामलों का निपटारा किया है. सबसे ज्यादा मामले हजारीबाग जिले में निपटाए गए जहां 939 केस क्लियर किए गए. इसके बाद रांची में 689 और धनबाद में 709 मामलों का निष्पादन किया गया.
पुलिस की इस कार्रवाई ने कई पुराने मामलों में तेजी जरूर लाई है लेकिन इसके बावजूद राज्य के थानों में 48287 मामले अब भी लंबित हैं. यह संख्या पुलिस पर बढ़ते दबाव और जांच प्रक्रिया में धीमी रफ्तार को उजागर करती है. लंबित मामलों में हत्या, डकैती, बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों से लेकर चोरी और मारपीट जैसे सामान्य मामले भी शामिल हैं.
एक महीने में जिलावार निष्पादित मामले
- रांची 689
- खूंटी 64
- गुमला 98
- सिमडेगा 48
- लोहरदगा 71
- चाईबासा 130
- सरायकेला 151
- जमशेदपुर 295
- पलामू 366
- लातेहार 118
- गढ़वा 295
- हजारीबाग 939
- रामगढ़ 124
- कोडरमा 140
- चतरा 178
- गिरिडीह 338
- धनबाद 709
- बोकारो 360
- दुमका 121
- गोड्डा 156
- जामताड़ा 77
- देवघर 266
- साहेबगंज 238
- पाकुड़ 66
- रेल धनबाद 54
- रेल जमशेदपुर 24
- कुल 6115
झारखंड के थानों में लंबित मामले
- रांची 12942
- खूंटी 395
- गुमला 682
- सिमडेगा 254
- लोहरदगा 493
- चाईबासा 954
- सरायकेला 851
- जमशेदपुर 2440
- पलामू 2531
- लातेहार 841
- गढ़वा 1475
- हजारीबाग 6703
- रामगढ़ 801
- कोडरमा 653
- चतरा 1819
- गिरिडीह 1993
- धनबाद 2386
- बोकारो 3115
- दुमका 1022
- गोड्डा 638
- जामताड़ा 475
- देवघर 2496
- साहेबगंज 1490
- पाकुड़ 1375
- रेल धनबाद 294
- रेल जमशेदपुर 170
- कुल 48287
पिछले एक महीने में पुलिस ने मामलों के निष्पादन की रफ्तार जरूर बढ़ाई है लेकिन लंबित मामलों की भारी संख्या राज्य की कानून व्यवस्था और जांच प्रणाली पर सवाल खड़ा करती है. सबसे ज्यादा लंबित मामले रांची और हजारीबाग में हैं जो बताते हैं कि इन जिलों में अपराधों की संख्या भी अधिक है और जांच क्षमता पर भी भार ज्यादा है. मामलों की बड़ी संख्या न्याय प्रक्रिया में देरी को दर्शाती है और यह साफ संकेत है कि संसाधनों, जनशक्ति और जांच व्यवस्था को और मजबूत किए बिना इस बोझ को कम करना मुश्किल होगा.