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  • 2025-12-01

Jharkhand News: सात महीनों में पश्चिमी सिंहभूम में HIV के 74 नये मामले, संक्रमण का खतरा बढ़ा

Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम में HIV संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और स्थिति स्वास्थ्य तंत्र की कमजोरियों को उजागर कर रही है. थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने की घटना ने पूरे सिस्टम की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अभी 560 एचआईवी संक्रमित मरीज पंजीकृत हैं. इनमें 347 पुरुष, 198 महिलाएं, 15 थर्ड जेंडर और 15 बच्चे शामिल हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि अप्रैल 2025 से केवल सात महीनों में 74 नये मामले दर्ज किये गये हैं. यह साफ संकेत है कि संक्रमण की रफ्तार नियंत्रण से बाहर होती जा रही है और मौजूदा रोकथाम व्यवस्था प्रभावी साबित नहीं हो रही है.

जिले का एकमात्र एआरटी सेंटर भी बढ़ती मरीज संख्या के सामने कमजोर दिख रहा है. सेंटर के लिए सात पद स्वीकृत हैं लेकिन फिलहाल केवल चार कर्मचारी ही काम संभाल रहे हैं. मेडिकल ऑफिसर और तकनीकी स्टाफ की कमी के कारण दवाओं का वितरण, मरीजों की निगरानी, परामर्श और फॉलोअप जैसी जरूरी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. सिविल सर्जन डॉ भारती मिंज का कहना है कि दवाएं और टेस्ट किट उपलब्ध हैं लेकिन स्टाफ की कमी मरीजों तक सेवाएं समय पर पहुंचाने में चुनौती पैदा कर रही है. बड़ी संख्या में मरीजों को नियमित परामर्श और निगरानी की जरूरत होती है और मौजूदा स्थिति उपचार को कमजोर कर रही है.

जागरूकता की कमी भी संक्रमण बढ़ने का एक प्रमुख कारण बनी हुई है. जिले के कई इलाकों में लोग जांच कराने में देर करते हैं या इलाज शुरू करने में हिचकिचाते हैं. सामाजिक संकोच के कारण मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते और इससे संक्रमण का दायरा बढ़ जाता है. बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को जागरूकता अभियान तेज करने पर मजबूर कर दिया है. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को जांच, सुरक्षित व्यवहार और समय पर इलाज की अहमियत बताने की तैयारी की जा रही है.

पश्चिमी सिंहभूम में एचआईवी संक्रमण का बढ़ता ग्राफ स्वास्थ्य प्रणाली की कमजोरियों की ओर इशारा करता है. संक्रमित रक्त चढ़ाने की घटना सिस्टम की गंभीर विफलता है. लगातार बढ़ते मामले बताते हैं कि रोकथाम और उपचार को मजबूत करने के लिए तत्काल और सख्त कदमों की जरूरत है. एआरटी सेंटर में स्टाफ की कमी दूर किये बिना इलाज और निगरानी दोनों प्रभावित रहेंगे. जागरूकता और समय पर जांच संक्रमण नियंत्रण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है जिसे अब प्राथमिकता पर मजबूत करने की जरूरत है.
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