सूचना मिलने पर सदर एसडीपीओ और मुफस्सिल
सूचना मिलने पर सदर एसडीपीओ और मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी हाथ से निकल चुके थे। घटनास्थल से तीन खोखा बरामद हुआ है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की बात कह रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अपराधियों के हथियार शहर में पहुंच कैसे रहे हैं और खुफिया तंत्र को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल पा रही?
होटल संचालक के अनुसार शनिवार रात एक ग्राहक
होटल संचालक के अनुसार शनिवार रात एक ग्राहक से विवाद हुआ था, रविवार को समझौता भी हो गया था, फिर भी देर रात 11:30 बजे होटल का शटर गिरने के बाद फायरिंग की गई। आरोपी के तौर पर किशोर, मुकेश, विक्रम और बाबुल के नाम सामने आए हैं। घटना का एक वीडियो भी वायरल है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फायरिंग में भले ही कोई घायल नहीं हुआ
फायरिंग में भले ही कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया है कि दुमका में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और पुलिस की मौजूद व्यवस्था सवालों के घेरे में है। अगर सुरक्षा तंत्र को समय रहते मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।