Jharkhand News: झारखंड में खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े लाभुकों के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया अब भी अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी है. केंद्र सरकार ने आधार लिंकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य करते हुए सभी राशन कार्डधारियों को इसका पालन करने का निर्देश दिया है, लेकिन राज्य में बड़ी संख्या में लोग अब भी प्रक्रिया से बाहर हैं.
आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि राज्य में कुल 2 करोड़ 63 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारी सदस्य हैं. इनमें से केवल 2 करोड़ 1 लाख 42 हजार का ही ई-केवाईसी पूरा हुआ है. यानी 61 लाख 63 हजार 791 लोग अब तक सत्यापन नहीं करा पाए हैं. इस स्थिति को देखते हुए केंद्र ने चिंता जताई है और राज्य को प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है.
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी से फर्जी और डुप्लीकेट कार्डों की पहचान की जा सकेगी. कई जिलों में लाभुक आधार लिंक कराने में देरी कर रहे हैं और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए निर्धारित केंद्रों पर कम पहुंच रहे हैं, जिससे काम की रफ्तार प्रभावित हो रही है. विभाग द्वारा जागरूकता अभियान और कैंप लगाए जा रहे हैं ताकि लोग समय पर अपनी प्रक्रिया पूरी करें.
सरकार ने यह भी साफ संकेत दिया है कि अगर निर्धारित समय में सत्यापन नहीं कराया गया तो राशन पाने में बाधा आ सकती है. विभाग का कहना है कि ई-केवाईसी से पारदर्शिता बढ़ेगी और केवल पात्र लाभुकों को ही अनाज मिल सकेगा.
झारखंड में ई-केवाईसी की धीमी प्रगति सरकार की चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में लाभुकों का सिस्टम से बाहर रहना सीधी तरह से वितरण प्रक्रिया को प्रभावित करेगा. यह भी स्पष्ट है कि कई क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और तकनीकी असुविधा इस देरी का बड़ा कारण है. अगर समय पर अभियान को प्रभावी नहीं बनाया गया तो बड़ी संख्या में लोग आवश्यक अनाज से वंचित हो सकते हैं और योजनाओं की पारदर्शिता भी सवालों में घिर सकती है.