Jharkhand News: देवघर के मोहनपुर थाना कांड संख्या 281/2024 को निरस्त करने संबंधी सांसद निशिकांत दुबे की याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान राज्य सरकार की ओर से दूसरी बार समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने उचित नहीं माना और राज्य सरकार पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने कहा कि लगातार समय मांगना प्रक्रिया में देरी है, इसलिए अर्थदंड लगाया जा रहा है.
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निशिकांत दुबे के खिलाफ चल रही पीड़क कार्रवाई पर लगी रोक को यथावत रखा है. निशिकांत दुबे ने प्राथमिकी और चार्जशीट को चुनौती देते हुए इसे निरस्त करने का आग्रह किया है. उनके खिलाफ आरोप है कि मोहनपुर थाना क्षेत्र में बैल खरीद बिक्री करने वाले एक व्यक्ति को बांग्लादेशी घुसपैठिया बताकर उसके साथ मारपीट की गई और बैल को भगा दिया गया. बाद में दुबे ने उस व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया था. उनका कहना है कि उस इलाके में बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा पशु तस्करी की घटनाएं होती रही हैं.
हाई कोर्ट का रुख साफ है कि लंबे समय तक जवाब दाखिल न करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए. राज्य सरकार पर जुर्माना इसी दिशा में उठाया गया कदम है. वहीं, पीड़क कार्रवाई पर लगी रोक जारी रहने से सांसद निशिकांत दुबे को अंतरिम राहत मिलती है, लेकिन केस के निष्पादन पर आगे की सुनवाई अहम होगी.