Jamshedpur Crime News: जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. घटना के दौरान वादी दीपक सिंह को गाली गलौज करते हुए धमकी दी गई थी और जान लेने की नीयत से उन पर गोली चलाई गई थी. मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया था.
घटना की शिकायत दर्ज होने के बाद ही विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया. कार्रवाई के महज छह घंटे के भीतर पुलिस ने सन्नी सिंह उर्फ सन्नी सिंह सरदार और रॉकी मिश्रा को पकड़ा. पूछताछ और स्वीकारोक्ति के आधार पर दोनों के पास से हथियार और जिंदा गोलियां बरामद की गईं.
सन्नी सिंह, जो एक दिन पहले ही घाघीडीह केन्द्रीय कारा से बाहर आया था, की निशानदेही पर पुलिस ने एक देशी पिस्टल बरामद किया. पिस्टल को अनलोड करने पर एक जिंदा गोली मिली. वहीं रॉकी मिश्रा की निशानदेही पर दो जिंदा गोलियां मिलीं.
घटना में शामिल अन्य तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं. इनमें राहुल सिंह, सुजल कुमार गुप्ता और अभिषेक कुमार उर्फ आजाद गिरी शामिल हैं. पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
गिरफ्तार आरोपी सन्नी सिंह के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं. गंभीर धाराओं से जुड़े कई मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है. रॉकी मिश्रा का भी पूर्व में आपराधिक इतिहास दर्ज है.
बरामद सामान
एक देसी पिस्टल, 3 गोली
छापामारी दल
तौकिर आलम, बैजनाथ कुमार, अजय कुमार यादव, कृष्ण कुमार यादव, सुमित लकड़ा, आलोक कुमार, गौतम कुमार, बिनोद कुमार सिंह, कुंदन राम और सरोज झा
जुगसलाई में हुई यह घटना दर्शाती है कि आपराधिक तत्वों के बीच हथियारों का दखल लगातार बढ़ रहा है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई भरोसा जगाती है, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए लगातार और मजबूत रणनीति की जरूरत है. घटनास्थल पर मौजूद पांच नामजद में से तीन अब भी फरार हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं. लगातार सामने आ रहे आपराधिक इतिहास यह संकेत देते हैं कि जमानत पर छूटने के बाद भी आरोपी तुरंत आपराधिक गतिविधियों में लौट आते हैं. ऐसे मामलों में निगरानी व्यवस्था सख्त होना आवश्यक है.