Bihar News: मोकामा से जदयू के नवनिर्वाचित विधायक अनंत सिंह को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है. एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में दायर उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. अदालत के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि अनंत सिंह की जल्द रिहाई की संभावना लगभग खत्म हो गई है और उन्हें फिलहाल बेऊर जेल में ही रहना होगा. हालांकि उनके वकील का कहना है कि जमानत के लिए अब वे ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.
क्यों जेल में हैं अनंत सिंह
दुलारचंद यादव की हत्या का मामला बिहार की राजनीति में लगातार चर्चा में रहा है. 75 वर्षीय दुलारचंद यादव जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पियूष प्रियदर्शी के समर्थक थे. चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा में उनकी मौत हो गई थी. घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था और राजनीतिक हलकों में इसे चुनावी हिंसा बताया जा रहा था. पुलिस जांच में अनंत सिंह का नाम सामने आने के बाद उसी रात उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया था.
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अनंत सिंह के साथ मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी पकड़ा था. सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था और तभी से अनंत सिंह बेऊर जेल में बंद हैं.
जमानत याचिका खारिज होने के बाद अनंत सिंह के लिए कानूनी राह और लंबी हो गई है. चुनावी हिंसा से जुड़े इस मामले में पहले से ही राजनीतिक दबाव और जनचर्चा ज्यादा है, जिससे अदालतें भी निर्णय लेने में अधिक सतर्क दिख रही हैं. अनंत सिंह की राजनीतिक छवि और पुराने विवाद भी इस मामले को संवेदनशील बनाते हैं. आगे ऊपरी अदालत का रुख क्या फैसला लाता है, यह आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और माहौल दोनों पर प्रभाव डाल सकता है.