Jamshedpur News: जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी गुरुवार को एसीबी के सामने पूछताछ में शामिल नहीं हुए. उन्होंने एजेंसी को सूचित किया है कि वह तीन दिनों की छुट्टी पर हैं और इसी कारण पूछताछ में उपस्थित नहीं हो पाएंगे.
एसीबी ने उन्हें मंगलवार को नोटिस जारी कर शराब घोटाला मामले में गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था. अब एजेंसी ने उन्हें 24 नवंबर को फिर से पेश होने के लिए कहा है.
जानकारी के अनुसार जिस अवधि में शराब घोटाला हुआ, उस समय कर्ण सत्यार्थी उत्पाद आयुक्त के पद पर तैनात थे. इसी कारण एसीबी उनसे उस पूरे प्रकरण को लेकर जानकारी लेना चाहती है. इससे पहले एसीबी इस मामले में आईएएस मुकेश कुमार, मनोज कुमार और रामगढ़ के डीसी फैज अक अहमद से पूछताछ कर चुकी है.
झारखंड में हुए बड़े शराब घोटाले में एसीबी ने उत्पाद और मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन सचिव विनय चौबे सहित 13 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है. इस प्रकरण में पहली गिरफ्तारी वरीय आईएएस अधिकारी विनय चौबे की हुई थी.
डीसी कर्ण सत्यार्थी का एसीबी के समक्ष उपस्थित न होना मामले को और संवेदनशील बनाता है. चूंकि वह घोटाले के समय महत्वपूर्ण पद पर थे, इसलिए पूछताछ उनके भूमिका और प्रशासनिक निर्णयों को समझने के लिए अहम मानी जा रही है. एसीबी पहले ही कई वरीय अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है, जिससे यह स्पष्ट है कि जांच एजेंसी इस मामले को सिरे से खोलने के प्रयास में है. अगले चरण की पूछताछ इस घोटाले की परतों को और उजागर कर सकती है.