राज्यपाल ने कहा कि साधना दिवस का आयोजन
राज्यपाल ने कहा कि साधना दिवस का आयोजन केंद्र के संस्थापक एकनाथ रानाडे की जयंती पर किया गया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी विचारों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस केंद्र का उद्देश्य आध्यात्म-आधारित मानव निर्माण है। उनका मानना है कि यह सेवा भवन युवाओं में चरित्र, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना को विकसित करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।
राज्यपाल ने झारखंड की जनजातीय संस्कृति
राज्यपाल ने झारखंड की जनजातीय संस्कृति, प्रकृति प्रेम और सामुदायिक सौहार्द को राज्य की अनमोल धरोहर बताया और कहा कि इसे आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास के साथ जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण को उद्धृत करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सत्यनिष्ठा, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में होनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र के कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण और जनजातीय
उन्होंने केंद्र के कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में किए जा रहे शिक्षा, संस्कार और सेवा कार्यों की सराहना की और कहा, “नर सेवा ही नारायण सेवा” भारतीय संस्कृति का श्रेष्ठतम आदर्श है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह शासन व्यवस्था स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं के अनुरूप है और यह भवन इसी भावना को और अधिक सशक्त करेगा।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहें, साथ ही आधुनिक ज्ञान, तकनीक और कौशल से स्वयं को समृद्ध करें। उन्होंने आशा जताई कि यह ‘प्रकल्प भवन’ आने वाले वर्षों में मानव निर्माण, सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।