जमशेदपुर: चतुर्थ बाल मेले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैंड स्टेडोग्राफर अमर सेन ने अपनी हथेलियों का कमाल दिखाया. शो की शुरुआत में उन्होंने स्मॉल इंपॉसिबल और इंपॉसिबल के दो दिलचस्प उदाहरण दिए, जिनमें उन्होंने लोगों को छोटी-छोटी चुनौतियाँ दीं.
स्मॉल इंपॉसिबल में उन्होंने जनसमूह से कहा कि वे अपने पहले और दूसरे हाथ की तर्जनी और छोटी उंगली को एक साथ हिलाने की कोशिश करें, लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं कर पाए. वहीं इंपॉसिबल में उन्होंने लोगों से दाहिने पैर की एड़ी जमीन पर टिकाकर उंगलियों से 6 बनाने को कहा, लेकिन सभी का 6 बनते-बनते 9 बन गया. इसी रोमांचक अंदाज के साथ उनका शो आगे बढ़ा.
उन्होंने दर्शकों के बीच से महुआ चक्रवर्ती से हाथों से चिड़िया बनवाया और सुधीर चौरसिया से कुत्ते का चेहरा बनवाया. उनका चटपटा अंदाज बच्चों और बड़ों, दोनों को खूब भाया.
कहानी की थीम के अनुसार उन्होंने हाथी बनाकर प्रस्तुति की शुरुआत की. इसके बाद दो कुत्ते बनाए जो आपस में लड़ते हुए दिखाए. उन्होंने समुद्र की लहरें और किनारे पर केकड़ा भी बनाया. अपने हाथों से उन्होंने बूढ़ा आदमी, बात करते हुए दो लोग, भूत, गुस्से में शेर और फुंफकारता सांप भी बनाया. हर दृश्य पर दर्शकों की तालियाँ रुकने का नाम नहीं ले रही थीं.