Jamshedpur Crime News: जमशेदपुर में दीपावली की रात हुई गोलीकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रेम यादव को गिरफ्तार किया है. घटना सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के भूईयांडीह कानू भट्टा की है, जहां दीपक विभार को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.
मामले की जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि हत्या में शामिल आरोपी प्रेम यादव बाबुडीह कब्रिस्तान के पास किसी से मिलने पहुंचा है. सूचना के आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेम यादव को दबोच लिया. पूछताछ में उसने दीपक विभार की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. प्रेम यादव ने बताया कि वारदात में प्रयुक्त देशी रिवाल्वर उसने अपने साथी रौशन यादव के पास छिपा रखा है.
पुलिस ने रौशन यादव को भूईयांडीह से हिरासत में लिया. रौशन ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने रिवाल्वर को अपने परिचित अंगद मुखी को छिपाने के लिए दे दिया था. बाद में अंगद मुखी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. उसके निशानदेही पर भूईयाडीह डंपिंग यार्ड से घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किया गया.
पुलिस ने जांच के दौरान बताया कि दीपावली की रात पूर्व दुश्मनी के चलते अशोक दुबे और उसके सहयोगियों ने मिलकर दीपक विभार को गोली मारी थी. इस मामले में पहले ही अशोक दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. बाद में पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की. पूछताछ में अशोक दुबे ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और गोली उसने बागुनहातु स्वर्णरेखा नदी के किनारे सुनसान जगह पर छिपा रखी है. पुलिस ने वहां से हथियार बरामद कर लिया.
गिरफ्तार आरोपियों में प्रेम यादव, रौशन कुमार और अंगद मुखी शामिल हैं. पुलिस ने इनकी निशानदेही पर दो देशी हथियार, दो मैगजीन और पांच जिंदा गोलियां बरामद की हैं.
जमशेदपुर में लगातार बढ़ते अपराधों के बीच दीपावली की रात हुआ यह हत्याकांड शहर में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई जरूर की है, लेकिन यह भी साफ है कि अपराधी अब किसी भय में नहीं हैं. भूईयांडीह, बाबुडीह और सिदगोड़ा जैसे इलाके लगातार अपराध का अड्डा बनते जा रहे हैं. यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए राहत की बात हो सकती है, पर असली चुनौती अब इन इलाकों में अपराध के नेटवर्क को तोड़ने की है.