Jharkhand News: झारखंड पुलिस महकमे में जल्द ही बड़ा फेरबदल होने जा रहा है. राज्य में एक साथ 16 आईपीएस अधिकारियों को प्रमोशन मिलने की संभावना है. इनमें एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसपी से लेकर सेलेक्शन ग्रेड तक के अधिकारी शामिल हैं. इससे पुलिस संगठन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है.
झारखंड पुलिस में एसपी रैंक के अधिकारियों की संख्या भी अब बढ़ने जा रही है. फिलहाल 2012 से 2021 बैच तक कुल 71 एसपी रैंक के आईपीएस अधिकारी कार्यरत हैं, जिनमें से 10 अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. अब झारखंड पुलिस सेवा के नौ डीएसपी को आईपीएस में प्रोन्नति मिलने की प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए 10 नवंबर को यूपीएससी में बैठक हो चुकी है. इस प्रक्रिया के पूरे होते ही एसपी रैंक के आईपीएस अधिकारियों की संख्या बढ़कर 80 हो जाएगी. हालांकि जनवरी 2026 में 2012 बैच के चार आईपीएस अधिकारी डीआईजी पद पर पदोन्नत हो जाएंगे, जिसके बाद झारखंड में एसपी रैंक के अधिकारियों की संख्या घटकर 76 रह जाएगी.
पुलिस मुख्यालय ने सभी 16 पदोन्नतियों का प्रस्ताव तैयार कर गृह सचिव के माध्यम से राज्य सरकार को भेज दिया है. सूत्रों के मुताबिक मंजूरी मिलते ही प्रमोशन की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी.
जानकारी के अनुसार, रांची जोन के आईजी और सीआईडी के आईजी मनोज कौशिक को एडीजी रैंक में प्रमोशन मिलने वाला है. यह झारखंड कैडर के 2001 बैच के अधिकारी हैं. इसके अलावा 2008 बैच के तीन अधिकारियों को डीआईजी से आईजी रैंक में पदोन्नत किया जाएगा. इनमें अनीश गुप्ता, एम. तमिलवानन और अजय लिंडा के नाम शामिल हैं. अनीश गुप्ता फिलहाल सीबीआई में डीआईजी पद पर प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि तमिलवानन नेशनल पुलिस अकादमी हैदराबाद में तैनात हैं और अजय लिंडा वर्तमान में डीआईजी, होमगार्ड एवं फायर सर्विस के पद पर हैं.
इसी तरह छह अधिकारियों को डीआईजी रैंक में पदोन्नति मिलेगी. इनमें 2010 बैच की कुसुम पुनिया के अलावा 2012 बैच के पांच अधिकारी शामिल हैं. इनमें किशोर कौशल, अखिलेश वी. वरियर, अंजनी कुमार झा, मोहम्मद अर्शी और आनंद प्रकाश के नाम हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े फेरबदल से झारखंड पुलिस में नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा. साथ ही नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद अधिकारियों में उत्साह भी बढ़ेगा. हालांकि प्रमोशन की यह प्रक्रिया राज्य सरकार की मंजूरी पर निर्भर है और इसकी औपचारिक घोषणा कुछ ही दिनों में होने की संभावना है.
झारखंड पुलिस में इस व्यापक फेरबदल से जहां संगठनात्मक मजबूती की उम्मीद है, वहीं यह भी स्पष्ट है कि राज्य अब प्रशासनिक स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है. पिछले कुछ वर्षों से कई रैंक में पद रिक्त रहने से कार्यप्रणाली पर असर पड़ा था. नई पदोन्नतियां न केवल उस खालीपन को भरेंगी बल्कि कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की दिशा में पुलिस को नई गति देंगी.