Delhi: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी क्षेत्र की भागीदारी को एक नया आयाम दिया है। इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने घोषणा की है कि संगठन अपने सबसे भरोसेमंद रॉकेट, पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV), के विकास का 50 प्रतिशत कार्य अब देश के औद्योगिक संघ को सौंपेगा। यह फैसला अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़े सुधारों और निजी उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
PSLV का निर्माण
HAL और L&T के नेतृत्व में उद्योग समूह इसरो प्रमुख ने बताया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और लार्सन एंड टूब्रो (L&T) के नेतृत्व वाला एक उद्योग समूह पहले ही निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित पहला PSLV रॉकेट तैयार कर चुका है। इस रॉकेट को इसी वित्तीय वर्ष यानी फरवरी तक लॉन्च किए जाने की योजना है। यह देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जब एक निजी उद्योग समूह द्वारा बनाया गया रॉकेट अंतरिक्ष में उड़ान भरेगा।
450 उद्योग और 330 स्टार्टअप बने इसरो के साथी
450 उद्योग और 330 स्टार्टअप बने इसरो के साथीवी. नारायणन ने निजी क्षेत्र के साथ इसरो के मजबूत होते संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान में 450 उद्योग और 330 स्टार्टअप इसरो के साथी के रूप में काम कर रहे हैं। यह व्यापक भागीदारी भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को बढ़ाने और स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने के इसरो के दृष्टिकोण को दर्शाती है।
इस कदम से इसरो को अपने प्रमुख मिशनों जैसे गगनयान
इस कदम से इसरो को अपने प्रमुख मिशनों जैसे गगनयान और चंद्रयान-3 जैसे अनुसंधान और विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी, जबकि निजी उद्योग PSLV जैसे संचालन कार्यों को संभालेंगे। यह साझेदारी देश को वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करेगी।