Jharkhand Cabinet News: झारखंड कैबिनेट ने सोमवार को चान्हो और मांडर प्रखंड में कैंबो मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना को हरी झंडी दे दी. 236 करोड़ 20 लाख 81 हजार रुपये की इस परियोजना से दक्षिण कोयल नदी का पानी डायवर्ट कर भूमिगत पाइपलाइन से 14 गांवों के 4 हजार 55 हेक्टेयर खेतों तक पहुंचाया जाएगा. यह राज्य की तीसरी भूमिगत पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजना होगी. बैठक में कुल तेरह प्रस्तावों पर मुहर लगी.
राज्य सरकार ने बहुद्देशीय कर्मियों की नियुक्ति के लिए नई सेवा नियमावली को मंजूरी दी. अब विभिन्न विभागों में स्वच्छता दस्तावेज प्रबंधन और सहायक कार्यों के लिए भर्ती पारदर्शी और एकसमान नियमों से होगी. पूर्व स्वीकृत पदों पर चयन होगा और वेतनमान 5 हजार 2 सौ से 20 हजार 2 सौ रुपए ग्रेड पे 1800 से 1900 सौ रहेगा. संविदा कर्मियों की सेवा को भी स्पष्टता दी गई है.
हॉकी की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सलीमा टेटे और निक्की प्रधान को मिली जमीन का रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ करने का फैसला हुआ. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनवरी में रांची के हरमू में दोनों को भूखंड सौंपे थे. घाटशिला उपचुनाव के लिए 7 करोड़ 84 लाख रुपये आकस्मिक निधि से निकालने की मंजूरी मिली. वीवीआईपी उड़ानों के लिए बेल 429 हेलीकॉप्टर की सेवा छह माह बढ़ाई गई.
दुमका में बरमसिया से शहरघाटी 8.13 किलोमीटर सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को सौंपते हुए 44 करोड़ 93 लाख 31 हजार 800 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. करमाटांड से भोगतानडीह 7.775 किलोमीटर सड़क के लिए 35 करोड़ 81 लाख 42 हजार 200 रुपये मंजूर हुए. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना में सहयोग राशि 1 लाख 30 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये की गई और लक्ष्य 176 से बढ़ाकर 2400 घर करने का निर्णय लिया गया.
अन्य फैसलों में झारखंड स्टेट एलाएड एंड हेल्थकेयर काउंसिल नियमावली 2025 को मंजूरी दी गई. ईटकी आरोग्यशाला के पूर्व अधीक्षक डॉ रंजित प्रसाद की अपील पर विचार हुआ. विधानसभा के मानसून सत्र के समापन को स्वीकृति मिली. उच्च शिक्षा विभाग में 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन पुनरीक्षण की मंजूरी दी गई. बिनोद लकड़ा मामले में ग्रेन गोला चौकीदार से प्रखंड कल्याण पर्यवेक्षक बने कर्मियों को ग्रेड पे 1900 से बढ़ाकर 2400 करने का फैसला हुआ.
झारखंड कैबिनेट के इस फैसले ने ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. कैंबो मेगा लिफ्ट परियोजना से चान्हो और मांडर के 14 गांवों में 4000 से अधिक हेक्टेयर खेतों को सिंचाई सुविधा मिलेगी जो खरीफ फसल की उत्पादकता बढ़ाएगी और किसानों की आय में इजाफा करेगी. भूमिगत पाइपलाइन तकनीक जल संरक्षण और न्यूनतम वाष्पीकरण हानि सुनिश्चित करेगी. बहुद्देशीय कर्मियों की नई नियमावली लंबे समय से लंबित भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी और संविदा कर्मियों को स्थायित्व देगी. सलीमा टेटे और निक्की प्रधान को रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन का संदेश है. दुमका की दो सड़कों का पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरण और अम्बेडकर आवास योजना में सहायता राशि दोगुनी करना बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण पर जोर दर्शाता है. कुल मिलाकर कैबिनेट ने विकास और सुशासन के बीच संतुलन बनाया है लेकिन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और निगरानी पर ध्यान देना होगा ताकि लाभ जमीन तक पहुंचे.