Jharkhand News: झारखंड की कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सोमवार को चान्हो प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया तो वहां सन्नाटा पसरा मिला. निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए. मंत्री ने कार्यालय के सभी कमरों का मुआयना किया और मौके पर मौजूद ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली. ग्रामीणों ने अधिकारियों की गैरमौजूदगी की शिकायत की और कहा कि काम के लिए बार बार चक्कर लगाने पड़ते हैं.
मंत्री ने तत्काल रांची उपायुक्त को फोन कर अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया. उन्होंने बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर कार्रवाई करने को भी कहा. मंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि सरकारी व्यवस्था में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो अधिकारी जिम्मेदारी से काम नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. चान्हो प्रखंड कार्यालय में लगातार अधिकारियों की अनुपस्थिति की शिकायतें मिल रही थीं जिसके बाद मंत्री ने यह निरीक्षण किया.
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का चान्हो प्रखंड कार्यालय में औचक निरीक्षण झारखंड के ग्रामीण प्रशासन की खस्ता हालत को बेनकाब करता है. बीडीओ और सीओ जैसे प्रमुख अधिकारियों का कार्यालय समय में अनुपस्थित रहना न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है बल्कि आम ग्रामीणों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं में बाधा डालता है. बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था होने के बावजूद इसका पालन न होना यह दर्शाता है कि तकनीकी समाधान अकेले पर्याप्त नहीं हैं. मंत्री का डीसी को तत्काल शोकॉज का निर्देश सही कदम है लेकिन असल सुधार तभी होगा जब अनुपस्थित अधिकारियों पर निलंबन या वेतन कटौती जैसी सख्त सजा लागू हो. लगातार शिकायतों के बाद यह निरीक्षण एक चेतावनी है कि अब मॉनिटरिंग कड़ी होगी. यदि ऐसे निरीक्षण अन्य प्रखंडों में भी हुए तो प्रशासनिक सुस्ती पर लगाम लग सकती है. यह कदम जनता में विश्वास बहाली की दिशा में भी महत्वपूर्ण है.