लोक आस्था और संस्कृति के महापर्व छठ पूजा के अवसर पर भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक पहल शुरू की है। अब प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का स्वागत केवल Announcements से नहीं, बल्कि छठ के पारंपरिक गीतों की मधुर धुनों से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को त्योहार की भक्ति और उल्लास से जोड़ना और उनके सफर को यादगार बनाना है।
इस बार पटना, दानापुर, हाजीपुर, भागलपुर, जमालपुर, सोनपुर, नई दिल्ली, गाज़ियाबाद और आनंद विहार टर्मिनल जैसे प्रमुख स्टेशनों पर यात्री स्टेशन पर आते ही “कांचा ही बांस के बहंगिया…” और “उग हे सूरज देव…” जैसे छठ गीतों से स्वागत पा रहे हैं। यह पारंपरिक धुनें न केवल माहौल को भक्ति और आस्था से भर देती हैं, बल्कि यात्रियों को अपने घर और संस्कृति की खुशबू का अनुभव भी कराती हैं।
छठ पूजा लोकगीतों से गहराई से जुड़ी हुई है। घाटों की ओर जाती महिलाएं समूह में पारंपरिक गीत गाती हैं और छठी मैया से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। रेलवे की यह पहल इसी लोक परंपरा को आधुनिक परिवेश में जीवंत करने का प्रयास है।
इस बार पहली बार रेलवे की उद्घोषणा प्रणाली पर छठ गीतों का प्रसारण किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को जानकारी और मनोरंजन दोनों मिल रहा है, और उनके मन में त्योहार की आस्था और अपनापन जाग रहा है।
भारतीय रेलवे ने यह भी बताया कि इस वर्ष 12,000 से अधिक विशेष ट्रेनों के माध्यम से लाखों यात्रियों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित की जा रही है। स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए होल्डिंग एरिया, सीसीटीवी निगरानी और आरपीएफ कर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।
इस पहल से यात्रियों को न केवल सुविधाजनक सफर का अनुभव मिल रहा है, बल्कि स्टेशन का माहौल भी छठ पूजा की पवित्रता और सांस्कृतिक महक से सराबोर हो गया है। यात्रियों ने रेलवे की इस नवोन्मेषी पहल की सराहना की है और इसे संस्कृति और आधुनिकता का बेहतरीन मेल बताया है।