इस बीच बुंडू थाना क्षेत्र में रांची पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर विशेष कार्रवाई की। वरीय पुलिस अधीक्षक रांची को सूचना मिली कि दशरथ शुक्ला किसी को हथियार सप्लाई करने के लिए एनएच-33 के किनारे सूर्य मंदिर तोरण द्वार के पास मौजूद है। इसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बुंडू के नेतृत्व में विशेष टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दशरथ को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कमर से एक लोडेड पिस्टल और बैग से तीन लोडेड पिस्टल (7.65 बोर), दो मैगजीन, एक ओप्पो एफ-17 मोबाइल फोन, एक एप्पल आईफोन 13 मिनी और काला बैग बरामद हुआ। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह सुजीत सिन्हा गिरोह के सदस्यों को हथियार सप्लाई करने आया था।
पूरी जांच में यह भी सामने आया कि दशरथ शुक्ला का अपराधिक इतिहास लंबा है और उस पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, विद्युत अधिनियम, जुआ अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम जैसी धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा जैसे कुख्यात अपराधियों से जुड़े महत्वपूर्ण डिटेल्स भी बरामद किए हैं। सूत्रों के अनुसार, हरेराम सिंह फायरिंग कांड में उसके साथ काशीडीह का कोण्दू और गाराबासा का गोपाल भी शामिल था।
गौरतलब है कि दशरथ सूद पर पैसे के लेनदेन में भी संलिप्त था और धनबाद के कुख्यात गिरोह से भी उसके संबंध रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर हथियार सप्लाई, गिरोह से जुड़ी संलिप्तता और फायरिंग की साजिश की पूरी सच्चाई उजागर करने में जुटी है।
वहीं न्यूज 26 के सूत्रों की माने तो पुलिस कई अहम तथ्य और दस्तावेज़ जनता से छुपा रही है, जिनके खुलासे निकट भविष्य में होने की संभावना है। आज रांची पुलिस दशरथ शुक्ला को जेल भेज दिया और पुलिस उसकी गिरफ्तारी से जुड़े पूरे नेटवर्क को तोड़ने की योजना पर काम कर रही है।