Jharkhand Sports News: झारखंड के लिए शुक्रवार का दिन गर्व और उत्साह से भरा रहा जब राज्य ने साउथ एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 की मेजबानी का जिम्मा संभाला. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम मोरहाबादी में आयोजित इस भव्य खेल महोत्सव का शुभारंभ किया. उद्घाटन समारोह में झारखंड की समृद्ध खेल और सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन हुआ जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के मेहमानों को प्रभावित किया. मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों और अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि यह झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है जब राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है.
उन्होंने कहा कि झारखंड ने हमेशा खेलों को अपनी संस्कृति और पहचान का हिस्सा माना है. यहां की धरती ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई खिलाड़ियों को जन्म दिया है और अब यही धरती दक्षिण एशियाई खेल भावना की मिसाल बन रही है. हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार लगातार विश्वस्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही है ताकि झारखंड के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन के अवसर मिलें और युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़े.
इस प्रतियोगिता में भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, मालदीव और श्रीलंका के करीब 300 एथलीट भाग ले रहे हैं. तीन दिनों तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में कुल 37 प्रतियोगिताएं होंगी जिनमें ट्रैक और फील्ड दोनों श्रेणियों के मुकाबले शामिल हैं. खिलाड़ियों ने बताया कि बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम का माहौल और व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इससे पहले यह चैंपियनशिप कोच्चि में आयोजित हुई थी और अब झारखंड को इसका आयोजन करने का अवसर मिलना राज्य के लिए सम्मान की बात है. उन्होंने साउथ एशियन एथलेटिक्स फेडरेशन का आभार व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार ने इस आयोजन के लिए हर संभव तैयारी की है ताकि यह प्रतियोगिता यादगार बन सके. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में झारखंड में और भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि राज्य खेल जगत में अपनी मजबूत पहचान कायम कर सके.
कार्यक्रम के दौरान झारखंड की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली. लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत ने माहौल को जीवंत बना दिया. स्थानीय कलाकारों ने राज्य की विविध संस्कृति को मंच पर प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया.
साउथ एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी झारखंड के खेल परिदृश्य के लिए एक बड़ा कदम है. इससे राज्य की पहचान केवल खनिज संपदा और औद्योगिक केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि खेल और सांस्कृतिक शक्ति के रूप में भी स्थापित हो रही है. इस आयोजन से न सिर्फ खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी बल्कि राज्य की खेल अवसंरचना और पर्यटन को भी नई ऊर्जा मिलेगी. झारखंड सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयास यह संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में यह राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का हब बन सकता है.