Jamshedpur: जमशेदपुर लोक आस्था के महापर्व छठ के नजदीक आते ही जमशेदपुर में घर वापसी का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे टाटानगर रेलवे स्टेशन और मानगो बस स्टैंड, दोनों जगह यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की तादाद इतनी ज्यादा है कि ट्रेनों और बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है।
बिहार जाने वाली ट्रेनों में हालात बेकाबू
टाटानगर स्टेशन पर साउथ बिहार एक्सप्रेस और कटिहार एक्सप्रेस जैसी बिहार जाने वाली ट्रेनों में हालात बेकाबू हो गए। जनरल डिब्बों की तरह इस बार स्लीपर कोच भी पूरी तरह से भर चुके हैं, जिससे सीट न मिलने वाले यात्री फर्श, दरवाजे और यहां तक कि टॉयलेट के पास बैठकर सफर करने को मजबूर हैं।
यात्रियों ने कंफर्म टिकट होने के बावजूद सीट तक पहुंचने को बड़ी चुनौती
कई यात्रियों ने कंफर्म टिकट होने के बावजूद सीट तक पहुंचने को बड़ी चुनौती बताया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और कमर्शियल विभाग के कर्मचारियों को प्लेटफार्म पर उतरना पड़ा। RPF ने यात्रियों को क्रमवार चढ़ाने के लिए लाइन मार्किंग कराई है और लगातार अनाउंसमेंट के जरिए धक्का-मुक्की से बचने की अपील की जा रही है।
यात्रियों की भारी मांग के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी साबित
इधर, मानगो बस स्टैंड पर भी पटना, गया, मुजफ्फरपुर, आरा, सासाराम सहित बिहार के विभिन्न शहरों के लिए जाने वाली बसों के सामने लंबी लाइनें लगी रहीं। स्थिति यह रही कि कई यात्री बसों की छत, गैलरी और सीढ़ियों तक पर बैठकर जोखिम भरा सफर कर रहे हैं। बस संचालकों ने हालांकि अतिरिक्त बसें लगाने की बात कही, लेकिन यात्रियों की भारी मांग के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
यात्री लगातार रेलवे और बस संचालकों से अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें और बसें चलाने की मांग
यात्री लगातार रेलवे और बस संचालकों से अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें और बसें चलाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि छठ पर्व भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए चाहे जैसी भी स्थिति हो, वे हर हाल में अपने घर लौटेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्लेटफार्म पर अतिरिक्त RPF जवान तैनात किए गए हैं।