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Adityapur: कल्पनापुरी निवासी आद्या सिंह, जो हाल ही में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में चयनित हुई हैं, को झारखंड की पहली लड़की बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में सैन्य मातृशक्ति महानगर और राष्ट्र चेतना द्वारा उनका भव्य अभिनंदन किया गया। यह समारोह आद्या के देशभक्ति के जज़्बे और अनुकरणीय सफलता को नमन करने के लिए आयोजित किया गया।
एनडीए में अब तक 126 महिला कैडेट्स शामिल हो चुकी हैं, लेकिन झारखंड से किसी लड़की का चयन नहीं हुआ था। आद्या सिंह ने यह रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बार झारखंड का प्रतिनिधित्व किया है, जिससे राज्य में गर्व और प्रेरणा का माहौल बना है।
मां की शिक्षा और मामा की प्रेरणा बनी मार्गदर्शक
आद्या ने बताया कि उनके एनडीए तक पहुंचने के सफर में सबसे बड़ा योगदान उनकी मां की पढ़ाई और मामा की प्रेरणा का रहा। उनकी मां ने उन्हें घर पर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने की सीख दी, जबकि मामा ने डिफेंस सेक्टर में करियर बनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया।
खेलों में भी आद्या का प्रदर्शन शानदार रहा है — वह बैडमिंटन की राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुकी हैं और कई राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीत चुकी हैं।
लड़कियों से की अपील – देशसेवा के लिए डिफेंस सेक्टर से जुड़ें
समारोह के दौरान आद्या सिंह ने कहा, "लड़कियों को भी डिफेंस सेक्टर में जरूर आना चाहिए। यह ना सिर्फ देशसेवा का अवसर है, बल्कि आत्मनिर्भरता और अनुशासन का प्रतीक भी है।" उन्होंने युवा छात्राओं से अपने सपनों को अनुशासन और समर्पण के साथ पूरा करने की अपील की।
समारोह में उपस्थित प्रमुख लोग: कार्यक्रम में मातृशक्ति झारखंड की संयोजक पूनम, अध्यक्ष श्रीमती मंजुला, महामंत्री भावना अंजू, संचालक विनीता सिंह, राष्ट्र चेतना के प्रतिनिधि प्रकाश मेहता, सुरेंद्र कुमार सिंह, डीएन सिंह और वरुण कुमार शामिल रहे।
आद्या की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और राज्य को गर्व से भर दिया है, बल्कि झारखंड की बेटियों के लिए एक नया रास्ता भी खोल दिया है।