Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-10-17

Ghatshila By-Election: भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल करोड़पति, उनकी दो पत्नियां भी, सोमेश सोरेन है इंजीनियर

Ghatshila By-Election: घाटशिला उपचुनाव में भाजपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशियों की संपत्ति और आय का ब्योरा सामने आया है. भाजपा के प्रत्याशी बाबू लाल सोरेन करोड़पति हैं और उनकी दो पत्नियां हैं. उन्होंने अपने नामांकन पत्र और शपथ पत्र में सालाना आमदनी 8.85 लाख रुपये बताई है. उनकी पहली पत्नी बबीता सोरेन व्यापार करती हैं और उनकी सालाना आमदनी 7.27 लाख रुपये है. दूसरी पत्नी प्रियंका मुर्मू गृहणी हैं और उनकी कोई आय नहीं है. बाबू लाल सोरेन के पास कुल 1.53 करोड़ रुपये की संपत्ति है जिसमें चल और अचल संपत्ति शामिल है. चल संपत्ति का मूल्य 1.10 करोड़ रुपये और अचल संपत्ति का मूल्य 42.77 लाख रुपये है. उनकी शैक्षणिक योग्यता बीए है और उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने अपने शपथ पत्र में सालाना आमदनी 6.69 लाख रुपये बताई है. उनके पास एक पेट्रोल पंप है. उनकी पत्नी रशमिता मार्डी की सालाना आमदनी 11.08 लाख रुपये है जिसमें वेतन 92 हजार 359 रुपये शामिल है. सोमेश चंद्र सोरेन के पास कुल 68.70 लाख रुपये की संपत्ति है जिसमें चल और अचल संपत्ति शामिल है. उनके पास 57.17 लाख रुपये की चल संपत्ति और 11.53 लाख रुपये की अचल संपत्ति है. उनकी शैक्षणिक योग्यता बी. टेक है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है.

BJP प्रत्याशी बाबू लाल सोरेन की संपत्ति का ब्योरा इस प्रकार है चल संपत्ति 76.86 लाख और अचल संपत्ति 14.67 लाख रुपये. उनकी दोनों पत्नियों के पास चल और अचल संपत्ति क्रमशः 17.51 लाख और 28.10 लाख रुपये हैं. बच्चों के पास 16.41 लाख रुपये की चल संपत्ति है और कोई अचल संपत्ति नहीं है.

JMM प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन के पास चल संपत्ति 6.77 लाख रुपये और अचल संपत्ति 57.17 लाख रुपये हैं. उनकी पत्नी के पास चल संपत्ति 4.75 लाख रुपये और कोई अचल संपत्ति नहीं है.

भाजपा प्रत्याशी बाबू लाल सोरेन की कुल संपत्ति और पारिवारिक आय JMM प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन से अधिक है. बाबू लाल के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज होना उनके चुनाव प्रचार में एक नकारात्मक बिंदु साबित हो सकता है, जबकि सोमेश चंद्र की संपत्ति कम होने के बावजूद उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है, जो उन्हें नैतिक और पारदर्शिता के दृष्टिकोण से लाभ पहुंचा सकता है. दोनों प्रत्याशियों की शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर पृष्ठभूमि अलग-अलग हैं, जिससे चुनावी बहस में उनकी छवि और विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है.

WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !