चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों द्वारा धनबल का प्रयोग करते हुए
चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों द्वारा धनबल का प्रयोग करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया एवं मतदाताओं को प्रभावित नहीं किया जा सके, इसे लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए कि चुनाव आयोग के गाइडलाइन के अनुसार सभी बैंक किसी खाते में 01 लाख या उससे अधिक का लेन-देन हो, तो इसकी सूचना तुरंत व्यय कोषांग को देंगे। संदेहास्पद लेन-देन पर कड़ाई से निगरानी रखेंगे । बैंक अपने ग्राहकों के सही लेनदेन एवं परिवहन के संबंध में क्यूआर कोड उपलब्ध कराएंगे ।
बैठक में बैंक प्रतिनिधियों को जिला निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय
बैठक में बैंक प्रतिनिधियों को जिला निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय व व्यय कोषांग को प्रपत्र 12-डी में रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश दिया गया । प्रत्याशी तथा उनके अभिकर्ता का इलेक्शन संबंधी बैंक खाता खोलने में प्राथमिकता से अपेक्षित कार्रवाई करने की बात कही गई । सभी बैंकों को यह भी निर्देश दिया गया कि अगर उनकी गाड़ियां नकदी लेकर आवागमन करती हैं तो उनके पास पूरे दस्तावेज होने चाहिए । अगर कोई गाड़ी एटीएम मशीन में पैसा डालने जा रही है या एक बैंक से दूसरे बैंक की शाखा में पैसा भेजा जा रहा है, तो ऐसे में वाहन में बैठे बैंक कर्मी के पास पूरे कागजात हों अन्यथा उड़न दस्ता या स्टैटिक मजिस्ट्रेट द्वारा पकड़े जाने पर वे भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे ।
बैठक में उपस्थित केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा निर्देश
बैठक में उपस्थित केन्द्र और राज्य सरकार की प्रवर्तन एजेंसियां जैसे सी.जी.एस.टी, एस.जी.एस.टी, इनकम टैक्स, जी.आर.पी, आर.पी.एफ, नागरिक उड्डयन, उत्पाद विभाग आदि के पदाधिकारियों को भी नकदी, शराब, ड्रग्स के अवैध परिवहन/ कारोबार पर सतत निगरानी रखने एवं कार्रवाई करते हुए समयबद्ध रिपोर्टिंग का निर्देश दिया।