पैगंबर मोहम्मद को "आई लव यू" कहना गुनाह
युवाओं ने इस प्रदर्शन के माध्यम से स्पष्ट किया कि यदि पैगंबर मोहम्मद को "आई लव यू" कहना गुनाह है, तो वे सौ नहीं बल्कि हजार बार यह "गुनाह" करने को तैयार हैं, उनका यह बयान कानपुर विवाद की पृष्ठभूमि में आया है, जहां इस बैनर को लेकर तनाव उत्पन्न हुआ था।
कानपुर से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, इस विवाद की मुख्य जड़ 4 सितंबर को कानपुर के रावतपुर के सैय्यद नगर में हुई एक घटना है, यहां रामनवमी शोभायात्रा गेट के सामने टट्टर पर I Love Muhammad का बोर्ड लगा दिया गया था, इसको लेकर वहां हंगामा हुआ और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बैनर हटाए जाने की मांग की, करीब दो घंटे के बाद इस बोर्ड को हटाया जा सका था।
इस घटना के बाद, बारावफात की रोशनी कार्यक्रम के दौरान बिना अनुमति के गेट बनाने के आरोप में रावतपुर थाने में दर्जनों लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था, विवाद की यह चिंगारी वहीं से शुरू हुई और धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों में फैल गई।
जमशेदपुर के प्रदर्शनकारियों की चेतावनी
जमशेदपुर में निकाला गया यह जुलूस पूरे धतकीडीह क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद समाप्त हुआ. प्रदर्शनकारी मुस्लिम युवाओं ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि यदि उनके पैगंबर साहब की शान में कोई भी गुस्ताखी की गई, तो वे उसे हरगिज माफ नहीं करेंगे।
युवाओं ने इस जुलूस को एक सांकेतिक प्रदर्शन बताया
युवाओं ने इस जुलूस को एक सांकेतिक प्रदर्शन बताया और साथ ही यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए तैयार हैं, यह घटनाक्रम धार्मिक भावनाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर देश के विभिन्न हिस्सों में व्याप्त तनाव को दर्शाता है।