Big Breaking: सूबे की राजधानी रांची में अब पुलिस के लिए ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले बड़ी चुनौती बन गए है. अब तक रांची में 13 लाख चालान बकाया हैं, इसकी कुल रकम 125 करोड़ रुपए बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि अब बकाया वसूलने के लिए ट्रैफिक पुलिस कॉल सेंटर खोलने जा रही है. इस कॉल सेंटर से बाकायदार वाहन चालकों से व्हाट्सएप, एसएमएस और फोन कॉल के माधयम से चालान भरने की जानकारी दी जाएगी.
साल 2024 में 3588 लाइसेंस किए गए सस्पेंड
बता दें कि पुलिस ने चेतावनी दी है कि तीन बार से ज्यादा कोई वाहन चालक अगर ट्रैफिक नियम तोड़ेगा तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा. आपको बता दें कि इस साल अब तक 1336 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके है, वहीं साल 2024 में 3588 लाइसेंस निलंबित किए गए थे.
जानकारी के अनुसार ट्रैफिक पुलिस का कॉल सेंटर अगले कुछ हफ़्तों में शुरू हो जाएगा. इसके साथ ही रोजाना सैकड़ों लोगों से संपर्क कर उन्हें चालान भरने की जानकारी दी जाएगी. वहीं समय पर जुर्माना न भरने पर कार्रवाई की जाएगी.
जनता के पैसे से कॉल सेंटर खोलकर जनता के जेब पर डाका डालने की तैयारी
ट्रैफिक पुलिस को अगर 13 लाख से ज्यादा का चालान करना पड़ा है तो उन्हें इस विषय में जरुर ध्यान देना चाहिए कि किन स्थितियों में ज्यादा चालान हुए है. अगर ड्राइविंग लाइसेंस न होने, फिटनेस सर्टिफिकेट न होने या ड्राइविंग लाइसेंस रिनुअल न होने अथवा प्रदुषण जैसे मामलों में चालान हुए है तो सरकार को इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरुरत है. कोई भी आम जनता नहीं चाहेगी कि उसकी गाड़ी का चालान हो. अगर ट्रैफिक पुलिस को सरकार राजस्व वसूली में लगाना चाहती है तो सरकार की मंशा बिल्कुल भी सही नहीं है. रोजाना यह देखा जा सकता है कि लाइसेंस को लेकर आरटीओ कार्यालय में लंबी लाइन लगी रहती है. सरकारी व्यवस्था लोगों के लिए श्राप बन चुकी है. सरकार को सिर्फ राजस्व से मतलब है, जनता की परेशानी से नहीं.