बाजार में पूजा सामग्री और प्रसाद की मांग
विश्वकर्मा पूजा में प्रसाद के रूप में बूंदी और लड्डू की विशेष मांग होती है। बाजार के दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक इन पारंपरिक मिठाइयों को खूब पसंद करते हैं। इस साल, बारिश ने थोड़ी सी दुकानदारी पर असर डाला है, लेकिन दुकानदारों को उम्मीद है कि अगले दो दिनों में बिक्री में तेजी आएगी। वे ग्राहकों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि इस पर्व के दौरान उनका कारोबार अच्छा हो सके।
ग्राहकों का उत्साह
बाजार में खरीदारी करने आए ग्राहकों का कहना है कि वे पूजा की तैयारियों में लगे हुए हैं। कई ग्राहक ऐसे हैं जो बड़ी-बड़ी कंपनियों और छोटे-मोटे प्लांट्स में काम करते हैं और वे अपनी कार्यस्थल पर ही विश्वकर्मा पूजा करते हैं। एक ग्राहक ने बताया, "हम लोग प्लांट के अंदर ही विश्वकर्मा पूजा करते हैं, इसलिए पूजा सामग्री और सजावट का सामान खरीदने आए हैं। महंगाई थोड़ी ज्यादा है, लेकिन पूजा तो करनी ही है।" यह दर्शाता है कि महंगाई के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है।
पूजा का महत्व और तैयारी
विश्वकर्मा पूजा, जिसे कर्म पूजा भी कहते हैं, भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है, जिन्हें देवताओं का वास्तुकार और ब्रह्मांड का निर्माता माना जाता है। इस दिन लोग अपने औजारों, मशीनों और वाहनों की पूजा करते हैं, उनकी सफाई करते हैं और उन्हें सजाते हैं। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से काम में बरकत आती है और दुर्घटनाओं से बचाव होता है। इस अवसर पर लोग अपने घरों और कार्यस्थलों को फूलों और रंग बिरंगी लाइटों से सजाते हैं, और पूजा के बाद बूंदी और लड्डू का प्रसाद बांटते हैं।
बाजारों में पहले से चहल-पहल
जमशेदपुर का औद्योगिक शहर होना इस पर्व के महत्व को और भी बढ़ा देता है। यहां की हर छोटी-बड़ी फैक्ट्री, वर्कशॉप और गैरेज में इस दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस पर्व के लिए शहर के बाजारों में पहले से ही चहल-पहल शुरू हो जाती है, जो अब चरम पर है। दुकानदारों को उम्मीद है कि आखिरी दो दिनों में अच्छी बिक्री होगी, जबकि ग्राहक महंगाई के बावजूद पूजा के सामान खरीदने में लगे हुए हैं।