Jamshedpur: भारत ने खेल जगत में एक नया अध्याय लिखा है। विश्व तीरंदाज़ी रैंकिंग में भारत ने लगातार दूसरे वर्ष (2023 और 2024) नंबर 2 स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि केवल भारत की खेल क्षमता का प्रमाण नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और अदम्य जज़्बे का परिचायक भी है।
भारतीय तीरंदाज़ों ने कठिन परिश्रम, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनके प्रदर्शन ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत अब किसी भी खेल में पीछे नहीं है। खास बात यह है कि इस उपलब्धि के पीछे खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग, ट्रेनिंग और प्रशासनिक समर्थन की भी अहम भूमिका रही है।
आर्चरी एसोसिएशन के अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस उपलब्धियों के लिए देशवासियों को बधाई दी, खिलाड़ियों के पीठ थपथपा कर आगे बढ़ाने की प्रेरणा और आशीर्वाद भी दिए, इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “यह गौरव हर भारतीय का है। हमारे खिलाड़ियों ने विश्व मंच पर भारत का परचम लहराया है। आने वाले समय में हम और भी ऊँचाइयों को छुएँगे।”
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार दो वर्षों तक शीर्ष रैंकिंग में बने रहना आसान नहीं होता, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि कड़ी मेहनत और सही तरीके खेल के लिए मेहनत किया जाए तो हर लक्ष्य संभव है।