चांडिल: झारखंड सरकार जहां एक ओर ग्रामीण सशक्तिकरण और विकास के लिए तमाम जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है, वहीं सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत चिलगु पंचायत के तुलिन गांव की स्थिति सरकारी दावों की पोल खोल रही है। दलमा की तलहटी में बसे इस गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, सुकन्या योजना, रोजगार सृजन योजना, जनश्री बीमा योजना जैसी योजनाएं ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा के लिए चलाई जा रही हैं, लेकिन तुलिन गांव तक इनका प्रभाव नहीं पहुंच पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे चारपाई या खटिया के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण जान भी जा चुकी है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है।
तुलिन गांव के निवासियों ने कई बार संबंधित विभागों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और यहां तक कि सरायकेला उपायुक्त के जनता दरबार में भी आवेदन देकर गुहार लगाई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कभी तो उनकी सुनवाई होगी और विकास की सड़क उनके गांव तक भी पहुंचेगी।