Jamshedpur News: जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिला अध्यक्ष और वर्तमान धनबाद जिला प्रभारी राजकुमार श्रीवास्तव ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है। 45 वर्षों के बाद श्रीवास्तव ने संगठन पर निष्ठावान और पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आज पार्टी में आदर्शवादी कार्यकर्ताओं के बजाय केवल पद की लालसा रखने वाले और धन-दौलत से संपन्न लोगों को तवज्जो दी जा रही है। उनके अनुसार, पहले नेता कार्यकर्ताओं के घरों में ठहरते थे, लेकिन अब बड़े होटलों की संस्कृति ने सामान्य कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच की दूरी बढ़ा दी है, जिससे 2019 के बाद से झारखंड में पार्टी की स्थिति लगातार गिर रही है।
पत्नी के चुनाव और उपेक्षा पर जताई नाराजगी
इस्तीफे के पीछे का तात्कालिक कारण मानगो नगर निगम चुनाव में उनकी पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव की मेयर पद की दावेदारी को लेकर उपेक्षा है। राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी पत्नी 30 वर्षों से पार्टी की सेवा कर रही हैं, लेकिन संगठन उन्हें अपनी पत्नी का साथ छोड़ने का अनुचित निर्देश दे रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय महामंत्री अरुण कुमार सिंह के जमशेदपुर प्रवास का उदाहरण देते हुए कहा कि वे उनके घर के पास आए लेकिन 45 साल पुराने कार्यकर्ता से मिलना उचित नहीं समझा। नेतृत्व द्वारा नामांकन के बाद भी कोई संपर्क नहीं किए जाने से वे आहत हैं और उन्होंने इसे व्यक्तिगत अपमान बताया है।
कार्यकर्ताओं की हताशा और अटलजी के सिद्धांतों का हवाला
श्रीवास्तव ने संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह पर पुराने कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस सिद्धांत को याद दिलाया जिसमें कहा गया था कि भले ही दस नए लोग चले जाएं, लेकिन एक भी पुराना कार्यकर्ता नहीं टूटना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज इस विचारधारा की उपेक्षा की जा रही है। यद्यपि वे पार्टी छोड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि कमल का फूल हमेशा उनके हृदय में रहेगा। उन्होंने मानगो की जनता और भाजपा के अन्य निष्ठावान कार्यकर्ताओं से इस पूरी स्थिति पर विचार करने की अपील की है।